प्रारब्ध भी बदल देते हैं सत्कर्म: पं मुद्गल
-कांचमिल नवीन पार्क में शिवपुराण कथा का पांचवा दिन
ग्वालियर। पूर्व जन्मों के कर्मो का फल हम इस जन्म में भोग रहे हैं, लेकिन जब हम भगवान का सुमरिन करते हुए सत्कर्म करते हैं तो प्रारब्ध भी बदलने लगता है। यह विचार पं भूपेंद्र मुद्गल ने कांचमिल नवीन पार्क में आयोजित हो रही श्रीशिवपुराण कथा के पांचवे दिन मंगलवार को व्यक्त किए। इससे पूर्व भक्तों ने पार्थिव शिवलिंग का निर्माण किया।
उन्होंने कहा कि लालच व्यक्ति के विवेक पर पर्दा डाल देता है, जिसकी वजह से लालची इंसान अपने का भी नुकसान करने से पीछे नहीं हटता है। माया के प्रभाव की वजह से ऐसा होता है। उन्होंने बताया कि जब भी शिवमंदिर में जाएं, तीन बार महादेव को पुकारें, वे आपकी हर मनोकामना को पूरा कर देंगे।
पहले खुद स्मार्ट हों, तब शहर बनेगा स्मार्ट...
उन्होंने कहा कि कुंए, बावड़ी और नदियां हमें जल देती हैं, इसलिए इन्हें गंदा न करें। मंदिर में भी गंदगी न करें। शिवलिंग पर सिर्फ जल चढ़ाए, अन्य सामग्री सिर्फ अर्पित करें जिससे स्वच्छता बनी रहे। उन्होंने कहा कि पहले अपने मन को स्मार्ट करें,तभी शहर, राज्य और राष्ट्र स्मार्ट होगी। मन की शुद्धि से नकारात्मकता खत्म हो जाती है।
भैरोंनाथ की उपासना करती है रोग दूर....
उन्होंने कहा कि कथा पांडाल में सिर्फ समय गुजारने एवं प्रसाद लेने न आएं, बल्कि कथा सुनकर उसका मनन करें और अपने जीवन में उतारे। अपने बच्चों को भी कथा प्रसंग सुनाएं, जिससे वे संस्कारवान बने। गाय को सदा पहली रोटी खिलाएं, वो हमारी मां हैं, उसे झूठा न खिलाएं। उन्होंने बताया कि रोग निर्वित्त के लिए भैरोंनाथ की उपासना करें।
इस मौके पर पं धमेंद्र मुद्गल, बरखा उमेश सिंह राजावत, संगीता सतेंद्र सिंह तोमर, सुरेश चंद त्यागी, राधे श्याम तोमर, आंसू तोमर,सूरज,देवराज,धर्मवीर राजपूत, गीता दीदी, सोनकली तोमर, बरखा, राजावत,रूबी,अनीता,शोभा राम गुर्जर, वीनू खंडेलवाल, भजन गायक आशीष शर्मा, रामभोग सिंह सहित सैकड़ों श्रोता मौजूद रहे।