सिंघम एसएसपी धर्मवीर भी नेक इंसान, बच्ची की जान बचाने दिया अपना रेयर ब्लड
ग्वालियर। कहने को भापुसे के वरिष्ठ अधिकारी हैं, लेकिन है बिल्कुल आम सहज इंसान, मदद को हमेशा तैयार। जी हां हम बात कर रहे है ग्वालियर के बेहद संवेदनशील, जाबांज और अपराधियों के लिये बेहद कड़क आईपीएस अफसर ग्वालियर के एसएसपी धर्मवीर सिंह की। धर्मवीर सिंह की यह जानकारी आप जब पढ़ रहे होंगे तो आपकी आंखों से भी उनकी सेवा के प्रति खुशी के आंसू स्वयं निकल पड़ेंगे। आप भी उनकी सराहना किये बिना नहीं रह सकेंगे।
मूलतः मथुरा के रहने वाले ग्वालियर के एसएसपी धर्मवीर सिंह में भी बृज क्षेत्र के लोगों की तरह अपनापन और सेवाभाव हैं। अब गत रात्रि की घटना जान लीजिये जब एक 16 वर्ष की बच्ची जेएएच समूह में जीवन और मौत से संघर्ष कर रही थी उसका डायलेसिस भी होना था, लेकिन डाक्टरों के सामने दिक्कत थी कि रेयर ब्लड ए निगेटिव की व्यवस्था कहा से हो। डाक्टरों ने प्रयास भी किये लेकिन ए निगेटिव ब्लड कहीं मिला नहीं। लेकिन इसी बीच मेडीकल कालेज के डीन डा. आरकेएस धाकड़ व एक अन्य चिकित्सक की बात हुई तो पता चला कि एसएसपी धर्मवीर सिंह का ब्लड ग्रुप भी ए निगेटिव है।
इसके बाद चिकित्सकों ने हिम्मत जुटाकर एसएसपी धर्मवीर सिंह से बात की तो धर्मवीर सिंह बिना समय गंवाये हुये तुरंत ब्लड बैंक पहुंचे और अपना ब्लड दिया, ताकि 16 वर्षीय बच्ची का इलाज तुरंत शुरू किया जा सकें। एसएसपी धर्मवीर सिंह के एक बच्ची के लिये अपन ब्लड देने की चर्चा पूरे शहर व सोशल मीडिया पर भी होने लगी है। लोग उनकी जीभर कर प्रशंसा कर रहे है और कह रहे है कि अफसर ऐसे नेकदिल हो जाये तो सारी समस्या ही खत्म हो जाये। इधर बच्ची के माता पिता भी एसएसपी धर्मवीर सिंह को दुआयें दे रहे हैं।
मैंने इंसानियत का फर्ज निभायाः धर्मवीर सिंह
वहीं एसएसपी धर्मवीर सिंह ने कहा कि उन्होंने केवल इंसानियत का फर्ज निभाया है। जब मुझे पता चला कि बच्ची के लिये तुरंत ए निगेटिव ग्रुप चाहिये, रात में और कहीं मिलता नहीं, इसलिये मैंने बिना देरी किये अपना ब्लड देने का निर्णय लिया।
धर्मवीर सिंह नेक दिल अफसरः डीन डा. धाकड़
मेडीकल कालेज के डीन डा. आरकेएस धाकड़ ने कहा कि एसएसपी धर्मवीर सिंह ने कमाल कर दिया। वह स्वयं पहुंच गये ब्लड देने। वह नहीं आते तो बच्ची के इलाज में देरी होती। मेरा कहना है कि धर्मवीर सिंह जैसे आईपीएस अफसर की प्रेरणा से आम आदमी भी अब रक्तदान के प्रति जागरूक होंगे।