गिरवाई आतिशबाजी बाजार में सुरक्षा से खिलवाड़, न फायर ब्रिगेड और न पानी का टैंकर
ग्वालियर। गिरवाई में लगे थोक आतिशबाजी कारोबार में सुरक्षा से खिलवाड़ हो रहा है। यहां थोक में आतिशबाजी का भंडारण है और सुरक्षा को हल्के में लिया जा रहा है। प्रशासन ने आनन फानन में थोक बाजार तो शुरू कर दिया, लेकिन सुरक्षा से समझौता देखने में आ रहा है। यहां ना तो फायर ब्रिगेड की गाड़ी दिखाई दे रही है और ना ही पानी टैंकर। जबकि यहां आतिशबाजी का थोक बाजार लगा है। ग्वालियर में कई वर्ष पहले मेला मैदान में लगे आतिशबाजी के फुटकर बाजार में आगजनी की घटना हो चुकी है। लेकिन उससे भी अब तक सबक नहीं लिया गया है।
यहां उल्लेखनीय है कि गिरवाई स्थित थोक आतिशबाजी कारोबार को बिना नवीनीकरण फिर से प्रशासन ने अस्थाई मोहलत देकर शुरू करा दिया है। यहां आतिशबाजी की 14 दुकानें स्थित हैं जिनके पास थोक का लाइसेंस है। वहीं जिन खामियों के कारण थोक कारोबार को सील किया गया था। वह पालन किया जा रहा है या नहीं इसको लेकर मैदानी जांच भी नहीं की गई है। लेकिन प्रशासन के निरीक्षण में सुरक्षा मानकों की पोल खुल गई है। इससे यह साफ हो गया कि कारोबार के चक्कर में कारोबारियों ने इंतजाम तक नहीं किए हैं। लेकिन यहां हालात ऐसे हैं कि कभी भी हादसा हो सकता है। यहां न आग बुझाने के लिए फायर बिग्रेड है और न सुरक्षा के लिए गार्ड। यहां तक कि एक टैंक या टैंकर तक नहीं है जो अचानक आग लग जाए तो पानी डाल सकें। यहां कारोबारियों की ओर से कोई पार्किंग की व्यवस्था तक नहीं है। एसडीएम लश्कर के निर्देश पर तहसीलदार गिरवाई दिनेश चौरसिया व उनकी टीम ने गत रोज निरीक्षण किया था। जिसमें यह सभी खामियां सामने आईं। खुद अधिकारी भी इन बिंदुओं को देखकर हैरत में पड़ गए, जिसके बाद पूरा पंचनामा बनाया गया और उसमें दर्ज किया गया कि सुरक्षा को लेकर क्या मानक मिले व नहीं मिले।एसडीएम लश्कर नरेंद्रबाबू यादव का कहना है कि गिरवाई थोक आतिशबाजी कारोबार में सुरक्ष व्यवस्था से कोई समझौता नहीं किया जायेगा। व्यवस्थाओं में गडबड़ी पर कार्रवाई की जाएगी।