मालनपुर. सूर्या
रोशनी लिमिटेड,
जो कि लाइटिंग, वायर
एवं केबल, पंखे, घरेलू उपकरण, वॉटरपंप,पीवीसी पाइप, वॉटरटैंक
और स्टील पाइप्स के क्षेत्र में देश के सबसे भरोसेमंद नामों में से एक है, को मध्यप्रदेश के मालनपुर स्थित अपने मैन्युफैक्चरिंग प्लांट
में बनाए जाने वाले टर्बोफ्लेक्स ग्रीन वायर्स के लिए ग्रीन प्रोइकोलेबल सर्टिफिकेशन
मिला है।
यह सर्केशन टर्बोफ्लेक्स
ग्रीन वायर्स के छह साइज़ पर लागू होता है, जो 0.75, 1, 1.5, 2.5, 4 और 6 स्क्वायर मिलीमीटर हैं। आईएसओ 14040/14044 मानकों के अनुसार किए गए लाइफ साइकल इम्पैक्ट असेसमेंट के मुताबिक, प्रति किलोग्राम वायर का प्रमाणित कार्बन फुटप्रिंट 3.308 किलोग्राम CO₂ इक्विवेलेंट है। इस आकलन में कच्चे माल से लेकर वायर के निर्माण
और फैक्ट्री से बाहर निकलने तक के चरण शामिल हैं। यह सर्टिफिकेशन अक्टूबर 2028 तक वैध है। ग्रीनप्रोइको लेबल
उन प्रोडक्ट्स को दिया जाता है, जो निर्धारित पर्यावरणीय
मानकों पर खरे उतरते हैं। यह मान्यता दर्शाती है कि सूर्या रोशनी अपने प्रोडक्ट्स की
गुणवत्ता और मैन्युफैक्चरिंग प्रक्रियाओं के साथ-साथ पर्यावरण पर उनके प्रभाव को भी ध्यान में रख रही है। कंपनी
का यह प्रयास भारत के इलेक्ट्रिकल और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की बदलती जरूरतों के अनुरूप
अपने प्रोडक्ट्स को विकसित करने की दिशा में भी अहम है।
इस उपलब्धि पर सूर्या रोशनी लिमिटेड के सीईओ लाइटिंग एवं कंज्यूमर ड्यूरेबल्स वासुमित्रा पांडे ने कहा, “हमारा मानना है कि भविष्य के लिए बेहतर प्रोडक्ट्स बनाने के लिए उनकी गुणवत्ता, जिम्मेदार मैन्युफैक्चरिंग और पर्यावरण से जुड़े पहलुओं पर लगातार ध्यान देना जरूरी है। हमारे टर्बोफ्लेक्स ग्रीनवायर्स को ग्रीनप्रोइको लेबल सर्टिफिकेशन मिलना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त लाइफ साइकल असेसमेंट मानकों के आधार पर प्रोडक्ट के कार्बनफुट प्रिंट का आकलन किया गया है। हम इंडस्ट्री की बदलती अपेक्षाओं और सस्टेनेबिलिटी पर बढ़ते जोर के अनुरूप अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
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