बैठक का संचालन कर रहे मानसेवी सचिव-दीपक अग्रवाल ने कहा कि जब चेम्बर पदाधिकारी-केन्द्रीय मंत्री श्रीमंत ज्योतिरादित्य सिंधिया जी से मिले हमने उनसे आग्रह किया कि टेलीकॉम मैन्युफेक्चरिंग जोन की जानकारी चाहिये तो श्रीमंत सिंधिया जी ने हमारे आग्रह को स्वीकार कर, तुरंत इस कार्यशाला की तिथि निर्धारित की| ग्वालियर अंचल को इसका लाभ अवश्य मिलेगा| टेलीकॉम मैन्युफेक्चरिंग जोन (TMZ) पर पॉवर पॉइंट प्रजेन्टेशन देते हुए एमपीआईडीसी की कार्यकारी निदेशक-श्रीमती अनीषा श्रीवास्तव ने कहा कि चेम्बर ऑफ कॉमर्स को इस कार्यशाला के लिए बहुत बधाई बहुत सही समय पर आपने इस कार्यशाला का आयोजन किया है| इस परियोजना की सफलता के लिए यह फर्स्ट स्टेप है| आपने कहा कि टेलीकॉम मैन्युफेक्चरिंग जोन देश के हृदय प्रदेश मध्यप्रदेश में स्थापित होने जा रहा है| इस प्रोजेक्ट के लिए एमपीआईडीसी एग्जिक्यूटिव बॉडी है| इस प्रोजेक्ट में मध्यप्रदेश सरकार की 51 प्रतिशत एवं केन्द्र सरकार की 49 प्रतिशत हिस्सेदारी रहेगी| इसके लिए केन्द्र सरकार से हमें 493 करोड़ रूपये का राशि मिल रही है| इस प्रोजेक्ट में हम वर्ल्ड क्लास इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित करने जा रहे हैं| टीएमजेड का पहला फेज-ए के लिए ग्वालियर के आइटी पार्क, गारमेंट के पास तथा फेज-बी साडा रीजन में विकसित करने का प्रस्ताव है| निवेशकों को इसके लिए भूमि 1रूपये प्रीमियम पर दी जा रही है| लीज रेंट 1 रूपये वर्गमीटर 30 साल के लिये रहेगा| बिजली पर सरकार 2 रूपये प्रति यूनिट की रिबेट 5 साल तक दी जायेगी| सरकार का प्रयास है कि निवेशकों को आधारभूत सुविधाओं की बजाय आरएंडडी एवं इंवेस्टमेंट साइज पर फोकस रहे| टीएमजेड के लिए 50 प्रतिशत कैपिटल सब्सिडी अधिकतम 200 करोड़ रूपये दी जायेगी|
एमपीआईडीसी की कार्यकारी निदेशक-श्रीमती अनीषा श्रीवास्तव ने कहा कि टीमएमजेड से ग्वालियरवासियों को लाभ हो हमारे यूथ जो प्रदेश से बाहर जा रहे हैं, उनका पलायन रूके| इसके लिए रोजगार के पोटेंशियल बढना आवश्यक है, इसके लिए प्रदेश सरकार द्बारा 5 हजार रूपये प्रति कर्मचारी के मान से वेतन एवं 13 हजार रूपये के मान से ट्रेनिंग सपोर्ट भी टेलीकॉम मैन्युफेक्चरिंग जोन में दिया जायेगा|
सवाल-देवांग लहारिया ने पूछा कि लैब्स के लिए तो आप प्लग-एन प्ले फैसिलिटी दे रहे हैं क्या मशीन एवं उपकरण की कॉस्ट भी विभाग द्बारा कवर किया जा रहा है|
जबाव-कार्यकारी निदेशक श्रीमती अनीता श्रीवास्तव ने कहा कि टेस्टिंग लैब के साथ ही अलग इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलप किया जायेगा, जिसका आप यूटिलाइजेशन कर सकते हैं|
सवाल-श्री अजय चोपड़ा जी ने पूछा कि इस प्रोजेक्ट के शुरू करने के पूर्ण होने के कोई टाइमलाइन निर्धारित की गई है|
जबाव-कार्यकारी निदेशक श्रीमती अनीता श्रीवास्तव ने कहा कि लैण्ड अलॉटमेंट का कार्य आगामी 3-4 माह में प्रारंभ हो जायेगा| पूरा इंफ्रास्ट्रक्चर एक से दो साल में तैयार हो जायेगा|
इसके साथ ही, राहुल शर्मा, मनोज चौरसिया, आशीष जैन, पारस जैन, समीर अग्रवाल, उदयवीर सिंह, अभय सिंह सेंगर, दुष्यंत साहनी, प्रदीप सिंघल, महेश मुदगल, सांईदीप पमनानी आदि के द्बारा भी अपनी जिज्ञासाओं संबंधी प्रश्न पूछे गये|
दूरसंचार विभाग, भारत सरकार के उपमहानिदेशक-श्री अनिल कुमार भारद्बाज ने अपने उद्बोधन में कहा कि दूरसंचार में मैन्युफेक्चरिंग का वैश्विक व्यापार 636 बिलियन डॉलर अर्थात् 63 लाख करोड़ रूपये का है, जबकि हमारे देश का इसमें हिस्सा केवल 63 हजार करोड़ का है| दुनिया का सिर्फ 1 प्रतिशत हिस्सा है| जब केन्द्रीय मंत्री श्रीमंत ज्योतिरादित्य जी ने जून 2024 में इस विभाग का प्रभार संभाला तब हमने उनसे इस संबंध में चर्चा की| जून 2024 से जुलाई 2026 में उनके स्वप्न से आज हम यहां खड़े हैं| 30 जुलाई को मध्यप्रदेश सरकार एवं केन्द्र सरकार के बीच इस टेलीकॉम मेन्युफैक्चरिंग जोन का एमओयू हो गया| इस प्रोजेक्ट के संबंध में कार्यशाला के लिए चेम्बर अध्यक्ष डॉ. प्रवीण अग्रवाल जी को धन्यवाद है कि इसकी एसपीव्ही रजिस्टर्ड होने से पहले हम यह कार्यक्रम कर रहे हैं| हमने 170 एकड़ भूमि के साथ इस प्रोजेक्ट को शुरू कर रहे हैं| हम पहले इसको सफल बनाने का प्रयास कर रहे हैं| हमने इसमें तकरीबन 10 हजार करोड़ रूपये का निवेश प्रस्ताव एवं 20 हजार रोजगार इससे सृजित हों| इसके लिए योजना बनाई है और यह लक्ष्य लिखित में है| इसको अचीव करने में हम सभी की भागीदारी आवश्यक है| यह हवाई योजना नहीं है, इसमें कौन सी कंपनियां आयेंगी कितना निवेश होगा| इसके लिए प्रयास विगत डेढ वर्ष से जारी हैं और आज मेरे ग्वालियर प्रवास के साथ ही 30 निवेशक आये थे, जिन्होंने जमीन का भ्रमण किया है और वे 3 हजार करोड़ रूपये निवेश के लिए तैयार हैं| एक बच्चे के पालन-पोषण की तरह जो आवश्यकतायें होती हैं, उसी प्रकार इस प्रोजेक्ट को देखभाल की आवश्यकता है|
ग्वालियर को क्या मिलेगा : दूरसंचार विभाग, भारत सरकार के उपमहानिदेशक-श्री अनिल कुमार भारद्बाज ने कहा कि ग्वालियरवासी इस प्रोजेक्ट में लोकल पार्टनर बन सकते हैं| ग्वालियरवासी अपना इंट्रेस्ट इसमें दिखायेंंगे तो निवेशक भी आपके साथ कार्य करेंगे| आप इस प्रोजेक्ट के लिए तैयार रहें, आप इसमें कहीं न कहीं पार्टनर, एसोसिएट, सप्लायर एवं वेल्यू चैन पाटर्नर बनेंगे|
150 करोड़ रूपये के प्रस्ताव सौंपे : ज्योरथ वेंचर्स इंटरनेशनल के सीईओ प्रमोद यादव एवं आईकैम्प के अंशुल एस. सक्सैना जी द्बारा दूरसंचार विभाग, भारत सरकार के उपमहानिदेशक अनिल कुमार भारद्बाज एवं एमपीआईडीसी की कार्यकारी निदेशक-श्रीमती अनीषा श्रीवास्तव को सौंपे|
बैठक का संचालन मानसेवी सचिव-दीपक अग्रवाल द्बारा तथा आभार मानसेवी संयुक्त सचिव- दीपक पमनानी द्बारा व्यक्त किया गया| बैठक में कोषाध्यक्ष-मनोज अग्रवाल, पूर्व मानसेवी संयुक्त सचिवद्बय-पीताम्बर लोकवानी, जगदीश मित्तल सहित कार्यकारिणी समिति सदस्यगण एवं काफी संख्या में चेम्बर सदस्यगण उपस्थित रहे|