पशुपालन एवं डेयरी विभाग के अधिकारी-कर्मचारी दिसंबर तक निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करें: सीईओ रावत
ग्वालियर। पशुपालन एवं डेयरी विभाग के अधिकारी-कर्मचारी निर्धारित लक्ष्यों को दिसंबर माह तक अनिवार्य रूप से पूरा करें। सभी सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी प्रतिदिन फील्ड में जाने से पहले अगले दिन की कार्ययोजना तैयार करें और अपने निर्धारित लक्ष्यों एवं उनकी प्रगति की स्पष्ट जानकारी रखें। यह निर्देश जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सोजान सिंह रावत ने मंगलवार को पशुपालन एवं डेयरी विभाग की समीक्षा बैठक में दिए। बैठक में उप संचालक पशुपालन, जिले के पशु चिकित्सक तथा सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी उपस्थित रहे।
समीक्षा के दौरान मुख्य कार्यपालन अधिकारी रावत ने सभी विकासखंडों के नोडल पशु चिकित्सकों एवं एव्हीएफओ से उनके निर्धारित लक्ष्यों की व्यक्तिगत जानकारी ली। उन्होंने प्रत्येक अधिकारी से लक्ष्य के विरुद्ध अब तक हुई प्रगति की समीक्षा की और कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि अधिकारी-कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी और विभागीय कार्य के महत्व को समझते हुए सक्रियता के साथ कार्य करें। जिम्मेदारी के प्रति सजगता और लक्ष्य आधारित प्रयासों से ही सकारात्मक परिणाम प्राप्त होंगे। सीईओ रावत ने लखपति गोपालक दीदी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर देते हुए महिला पशुपालकों एवं स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को अधिक से अधिक संख्या में योजना से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कम दूध देने वाले अवर्णित नस्ल के पशुओं में अधिक से अधिक कृत्रिम गर्भाधान कराने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि उन्नत नस्ल के पशुओं से भविष्य में दुग्ध उत्पादन बढ़ेगा, जिससे पशुपालकों की आय में वृद्धि होगी। बैठक में अनुपस्थित पाए गए कर्मचारियों के संबंध में भी मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने गंभीरता दिखाई। उन्होंने अनुपस्थित कर्मचारियों का एक-एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए।