ग्वालियर। जीवाजी विश्वविद्यालय के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ की वार्षिक बैठक कुलगुरु प्रो. राजकुमार आचार्य की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में विश्वविद्यालय को नैक से प्राप्त A++ ग्रेड को बरकरार रखने, शैक्षणिक गुणवत्ता, अनुसंधान एवं नवाचार को और मजबूत करने को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।
IQAC समन्वयक प्रो. महेंद्र गुप्ता ने पिछले तीन वर्षों में विश्वविद्यालय द्वारा किए गए नवाचार, शैक्षणिक गतिविधियों, उपलब्धियों एवं कैंपस डेवलपमेंट से संबंधित कार्यों का प्रस्तुतीकरण दिया। प्रो. एन.सी. गौतम ने कहा कि A++ ग्रेड को बनाए रखना विश्वविद्यालय के लिए बड़ी जिम्मेदारी है। नैक की अगली प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय को पहले से अधिक गुणवत्ता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने नैक एक्रेडिटेशन से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं एवं आगामी चुनौतियों से निपटने के उपाय बताए। इस अवसर पर प्रो गौतम ने पेटेंट सेल बनाने व वेबसाइट अपडेट रखने पर जोर दिया।प्रो. आदित्य मिश्रा ने कहा कि विश्वविद्यालय के शैक्षणिक एवं अनुसंधान कार्यों को समाज तक पहुंचाना तथा उनकी उपयोगिता से लोगों को अवगत कराना आवश्यक है। वहीं राजेंद्र सेठ ने बैठकों में लिए गए निर्णयों को समय-सीमा में पूरा कर अगली बैठक में उनके परिणामों का विश्लेषण प्रस्तुत करने पर जोर दिया।
कुलगुरु प्रो. राजकुमार आचार्य ने कहा कि विशेषज्ञों एवं विश्वविद्यालय परिवार द्वारा दिए गए सुझावों पर शत-प्रतिशत अमल किया जाएगा और A++ ग्रेड की गरिमा को बनाए रखने के लिए सभी मिलकर कार्य करेंगे। उन्होंने छात्रहित, शैक्षणिक गुणवत्ता एवं सामाजिक उपयोगिता वाले अनुसंधान को प्राथमिकता देने के साथ राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में समाहित भारतीय ज्ञान परंपरा से विद्यार्थियों को जोड़ने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा की अकादमिक कैलेंडर की समीक्षा होगी,परीक्षा समय पर हो यह सभी प्रयास किये जा रहे हैँ और ऐसा हो भी रहा है वेबसाइट को अपग्रेड करेंगे। छात्रों को बेहतर सुविधा मिलें यह हमारा संकल्प है। इस अवसर पर राजेंद्र सेठ, डॉ समीर भाग्यवंत ने भी विचार रखे। अंत में कुलसचिव डॉ. राजीव मिश्रा ने आभार व्यक्त किया। संचालन IQAC के असिस्टेंट कोऑर्डिनेटर प्रो. एस.एन. महापात्र ने किया।