काऊरले पोर्तो सांता मार्गेरिटा (इटली)। भारतीय सनातन संस्कृति की आध्यात्मिक चेतना और "वसुधैव कुटुम्बकम्" के सार्वभौमिक संदेश को लेकर यूरोप में संचालित विश्व शांति, प्रेम एवं क्षमा यात्रा के अंतर्गत इटली की विश्व प्रसिद्ध झीलों की नगरी के समीप स्थित काऊरले पोर्तो सांता मार्गेरिटा के समुद्र तट पर एक ऐसा ऐतिहासिक आध्यात्मिक आयोजन संपन्न हुआ, जिसने इटली के धार्मिक एवं सांस्कृतिक इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया। पहली बार समुद्र तट पर असंख्य आटे के शिवलिंगों का निर्माण कर संपूर्ण विश्व में शांति, प्रेम, करुणा और मानव कल्याण की कामना के साथ विशेष वैदिक अनुष्ठान संपन्न कराया गया।
यह आयोजन विश्व के एकमात्र संत, वर्ल्ड गिनीज बुक में नाम दर्ज परम पूज्य पंडित देव प्रभाकर शास्त्री (दद्दा जी) की आध्यात्मिक परंपरा के अनुरूप उनके परम शिष्यों द्वारा संपन्न हुआ। कार्यक्रम का संयोजन श्री मतंगेश्वर सेवा समिति, खजुराहो एवं दद्दा जी इंटरनेशनल कल्चर सेंटर के प्रमुख पंडित सुधीर कृष्ण शर्मा तथा राजस्थान की शैक्षणिक नगरी कोटा निवासी अरिकेश जोशी (नीनू भैया) ने किया। प्रातः 5:40 बजे उगते सूर्य की प्रथम किरणों के साथ समुद्र तट पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच शिवलिंग निर्माण प्रारंभ हुआ। लगभग साढ़े तीन घंटे तक चले इस दिव्य अनुष्ठान में श्रद्धालुओं ने आटे से असंख्य शिवलिंगों का निर्माण कर भगवान शिव का पूजन-अर्चन किया। प्रातः 9:00 बजे पूर्णाहुति के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। अनुष्ठान के दौरान भारत एवं विश्वभर की सनातन संस्कृति से जुड़ी ब्रह्मलीन आत्माओं की शांति हेतु वैदिक शांति पाठ, हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ एवं विशेष प्रार्थना की गई। साथ ही उपस्थित सभी श्रद्धालुओं ने अपने दिवंगत माता-पिता एवं पूर्वजों के निमित्त भी श्रद्धापूर्वक शांति प्रार्थना अर्पित की।
इस अवसर पर इटली के प्रमुख उद्योगपति रेनातो सार्तेलो, कृष्णभक्त मारको (सुश्री अरियाना के भाई), होटल व्यवसायी श्रीमती दोलोरेस मोरो, योगाचार्य जियानलुका, आयुर्वेद विशेषज्ञ श्रीमती बारबारा के दिवंगत माता-पिता, आर्कोवालेनो (इंद्रधनुष) परिवार, समुद्र तट के स्वामी मारको एवं क्रिस्टल (ईका) के ब्रह्मलीन परिजनों सहित विशेष रूप से रोम निवासी सुश्री रफाएला लोरेन्जेट्टी (रोम विश्वविद्यालय में भारतीय संस्कृति की प्राध्यापिका प्रो. तित्ज़ियाना लोरेन्जेट्टी की बुआ) तथा इटली सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता श्री इनात्सियो फियोरे की माताश्री दोरी स्तेला की पुण्य स्मृति में भी विशेष शांति अनुष्ठान किया गया। कार्यक्रम के उपरांत प्रसिद्ध डायमंड व्यवसायी पंडित विनोद गौतम के सौजन्य से प्रसाद वितरित किया गया। इस अवसर पर उन्होंने विश्व शांति, प्रेम एवं क्षमा यात्रा के अगले चरण के लिए यूरोप की राजधानी ब्रुसेल्स (बेल्जियम) आने का विशेष आमंत्रण भी प्रदान किया।
विश्व शांति, प्रेम एवं क्षमा यात्रा का यह ऐतिहासिक आयोजन भारतीय सनातन संस्कृति की आध्यात्मिक महिमा, मानवता के प्रति करुणा, पूर्वजों के प्रति श्रद्धा और विश्वबंधुत्व की भावना का जीवंत उदाहरण बनकर इटली की धरती पर एक अविस्मरणीय छाप छोड़ गया। उपस्थित लोगों ने इसे भारत की प्राचीन आध्यात्मिक परंपरा और विश्व शांति के संदेश का अनुपम संगम बताते हुए भावपूर्ण श्रद्धा के साथ सहभागिता निभाई।