ग्वालियर। एक समय ऐसा भी था जब हर बरसात कोसाबाई के लिए नई मुसीबत लेकर आती थी। कच्ची झोपड़ी से पानी टपकने लगता व जहरीले जीव-जंतुओं का डर भी बढ़ जाता। पर अब प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) ने उनकी जिंदगी की तस्वीर ही बदल दी है। आज उनके सिर पर पक्की छत है, घर में बिजली, पानी, रसोई गैस और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं हैं। इतना ही नहीं, सुरक्षित घर मिलने के बाद परिवार में आत्मविश्वास लौटा, आय बढ़ी और भविष्य के प्रति नई उम्मीद जगी।
जिले की जनपद पंचायत डबरा के ग्राम बीजकपुर निवासी श्रीमती कोसाबाई बघेल के लिये पति के निधन के बाद दो बेटों का पालन-पोषण करना किसी बड़े संघर्ष से कम नहीं था। उनके पास न जमीन थी और न ही कोई स्थायी आय का साधन। बकरियां पालकर एवं सामाजिक सुरक्षा पेंशन के सहारे वे किसी तरह परिवार का जीवनयापन कर रही थीं। कमजोर आर्थिक हालात की वजह से पक्का घर उनके लिए किसी सपने जैसा था। ऐसे विपरीत हालातों में प्रधानमंत्री आवास योजना उनके लिये वरदान बनकर सामने आई। जिसके तहत उन्हें पक्का आवास मिला। इस एक बदलाव ने उनके जीवन में सुरक्षा, सम्मान और आत्मविश्वास का नया अध्याय जोड़ दिया। अब वे निश्चिंत होकर अपने घर में रहती हैं और परिवार भी भविष्य को लेकर आश्वस्त है। सुरक्षित आवास मिलने के बाद उनका बड़ा बेटा भी मुंबई जाकर रोजगार करने लगा, जिससे परिवार की आय में वृद्धि हुई और आर्थिक स्थिति पहले की तुलना में मजबूत हुई।
कोसाबाई को प्रधानमंत्री आवास योजना से पक्की छत तो मिली ही है, साथ ही सरकार की अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी उनके घर तक पहुँचा है। उन्हें उज्ज्वला योजना के तहत रसोई गैस कनेक्शन, बिजली, नल से पानी की सुविधा, शौचालय, कल्याणी पेंशन, राशन कार्ड, आधार कार्ड, पट्टा तथा 'समृद्ध पर्यावास' के तहत वाटर हार्वेस्टिंग पिट का लाभ भी मिला। इन सुविधाओं ने उनकी जिंदगी को पूरी तरह बदल दिया और उन्हें सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर प्रदान किया।कोसाबाई भावुक होकर कहती हैं कि पहले उन्हें लगता था कि जीवन में कभी पक्के घर का सपना पूरा नहीं होगा। आज वही सपना साकार हो चुका है। वे प्रधानमंत्री आवास योजना और शासन की अन्य जनहितैषी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए सरकार के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करती हैं।कोसाबाई का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना केवल एक घर नहीं बनाती, यह योजना पूरे परिवार के जीवन में सुरक्षा, सम्मान, आत्मनिर्भरता और खुशहाली की नई नींव रखती है।