डबरा में श्रद्धा और गरिमा के साथ मनाई गई महर्षि वाल्मीकि जयंती मनाई
डबरा/शहर में आज आदिकवि, परमज्ञानी एवं पवित्र ग्रंथ रामायण के रचयिता महर्षि वाल्मीकि जी की जयंती अत्यंत श्रद्धा, उत्साह और गरिमापूर्ण वातावरण में मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित विशेष कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ नेताओं एवं गणमान्य नागरिकों ने महर्षि वाल्मीकि जी के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया और उनके बताए मार्गों पर चलने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में प्रदेश महामंत्री (अजा विभाग, मप्र कांग्रेस), कांग्रेस नेता महाराज सिंह राजौरिया ने कहा कि, "महर्षि वाल्मीकि जी मात्र एक महाकवि ही नहीं, अपितु समाज में ज्ञान, शिक्षा, समानता और सकारात्मक बदलाव के संवाहक थे। उन्होंने दुनिया को यह मार्ग दिखाया कि व्यक्ति जन्म से नहीं, बल्कि अपने श्रेष्ठ कर्मों, विचारों और आचरण से महान बनता है। विपरीत से विपरीत परिस्थितियों में भी मेहनत और ज्ञान के बल पर जीवन को सुधारा जा सकता है।"
राजौरिया ने आगे कहा कि जयंती मनाने की सार्थकता तभी है जब हम उनके सिद्धांतों को अपने दैनिक जीवन में उतारें। उन्होंने उपस्थित जनसमूह का आह्वान करते हुए कहा कि, "आज हमें यह दृढ संकल्प लेना होगा कि हम अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा देंगे, समाज में आपसी भाईचारे और सद्भाव की भावना को मजबूत करेंगे, तथा किसी भी प्रकार के भेदभाव को समाप्त कर हर व्यक्ति को सम्मान देंगे। समाज की वास्तविक प्रगति तभी संभव है जब बच्चे शिक्षित हों, युवा जागरूक हों और परस्पर सम्मान की भावना हो।" साथ ही मौजूद क्षेत्रीय पार्षद श्रीमती सुनीता महाराज सिंह राजौरिया ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षा ही समाज के उत्थान की कुंजी है। उन्होंने महिलाओं और युवाओं से महापुरुषों के बताए सत्य और निष्ठा के मार्ग पर चलने की अपील की।
इस अवसर पर शहर के अनेक वरिष्ठ नागरिक, समाजसेवी, बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन "महर्षि वाल्मीकि जी अमर रहें", "जय भीम, जय भारत" और "जय हिंद" के ओजस्वी नारों के साथ हुआ जिसमें भगवान लाल कुशवाहा गजेंद्र सिंह राजौरिया राहुल परमार सूरज सावंत राहुल प्रभु दयाल कारोसिया करण गगन मेवालाल मोहन करण शशी देवू पामर कल्लू आकाश अभिजीत आदि उपस्थित रहे।