कैमरे में कैद हुई चंबल अंचल की ऐतिहासिक विरासत

ग्वालियर। जीवाजी विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग में आयोजित फोटोग्राफी प्रशिक्षण के दूसरे दिन विद्यार्थियों ने हेरिटेज फोटोग्राफी का व्यावहारिक प्रशिक्षण लिया। इस दौरान विद्यार्थियों ने मुरैना जिले के ऐतिहासिक स्थलों बटेश्वर, गढ़ी पढ़ावली और मितावली का शैक्षणिक भ्रमण कर वहां की स्थापत्य कला, इतिहास और पुरातात्विक महत्व को जाना तथा प्राचीन स्मारकों को अपने कैमरों में कैद किया।
भ्रमण की शुरुआत बटेश्वर से हुई, जहां विद्यार्थियों ने प्राचीन शिव एवं विष्णु मंदिरों के समूह की स्थापत्य शैली और ऐतिहासिक महत्व को करीब से समझा। इसके बाद गढ़ी पढ़ावली पहुंचकर मंदिर के प्राचीन अवशेषों तथा उनकी कलात्मक संरचना का अवलोकन किया। मितावली में विद्यार्थियों ने प्रसिद्ध चौंसठ योगिनी मंदिर की फोटोग्राफी की। 9वीं शताब्दी में निर्मित इस मंदिर में बलुआ पत्थर का प्रयोग किया गया है और इसकी विशिष्ट गोलाकार स्थापत्य शैली विद्यार्थियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रही। इस शैक्षणिक भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को कक्षा के सैद्धांतिक ज्ञान के साथ ऐतिहासिक धरोहरों की फोटोग्राफी का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना था। शैक्षणिक भ्रमण में पत्रकारिता विभाग के शिक्षक डॉ.भुवनेश सिंह तोमर,डॉ.सत्येंद्र कुमार, डॉ. ब्रजेश शर्मा, राघवेंद्र गोयल और डॉ.नितिन भगोरिया सहित छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।

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