प्रशिक्षण में सीखे प्रसंस्करण और मूल्यसंवर्धन के गुर
ग्वालियर। कृषि उत्पादों को केवल कच्चे रूप में बेचने के बजाय उनका प्रसंस्करण और मूल्यसंवर्धन कर किसान एवं ग्रामीण युवा अपनी आय में बढ़ोतरी कर सकते हैं। इसी उद्देश्य से कृषि विज्ञान केन्द्र, ग्वालियर में 17 से 21 अगस्त तक “कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण एवं मूल्यसंवर्धन” विषय पर पांच दिवसीय व्यावसायिक प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में सिरसौद, विकासखण्ड मुरार के कृषि विज्ञान केन्द्र के अंगीकृत ग्राम की महिलाओं एवं युवाओं ने भाग लिया।
प्रशिक्षण केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. शैलेन्द्र सिंह कुशवाह के मार्गदर्शन में वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. रीता मिश्रा द्वारा आयोजित किया गया। प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने मोटे अनाज, फल, सब्जियों एवं अन्य कृषि उत्पादों के पोषण और औषधीय महत्व के साथ उनके प्रसंस्करण, संरक्षण, मूल्यसंवर्धन एवं विपणन की तकनीकों की जानकारी दी। प्रशिक्षणार्थियों को उत्पाद निर्माण में पूंजी निवेश एवं प्रबंधन, पैकेजिंग-लेबलिंग तथा कटाई उपरांत अनाज एवं दलहनों के संरक्षण की तकनीक भी समझाई गई। इसके साथ ही विभिन्न कृषि उत्पादों से प्रसंस्कृत एवं मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार करने का प्रायोगिक प्रशिक्षण दिया गया। केन्द्र की प्रसंस्करण प्रदर्शन इकाई में मशीनों एवं उपकरणों के माध्यम से प्रशिक्षणार्थियों ने वैज्ञानिक विधि से उत्पाद तैयार करना सीखा। प्रशिक्षणार्थियों को केन्द्रीय प्रसंस्करण इकाई एवं सीएआईई का भ्रमण भी कराया गया। समापन अवसर पर प्रतिभागियों से प्रतिपुष्टि ली गई तथा प्रमाण-पत्र वितरित किए गए।