ट्रेफिक पुलिस अन्य राज्यों के वाहन चालकों की बनी दुश्मन
- ऐसे घेर लेते है जैसे दुश्मन देश से आये हो
(अजय मिश्रा)
ग्वालियर। मध्यप्रदेश में राजस्थान, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ, दिल्ली व हरियाणा नंबर के चार पहिया वाहन चालक आजकल यातायात पुलिस की चालानी कार्रवाई से परेशान है। चाहे आम व्यक्ति किसी गमी में आया हो, या चिकित्सालय में इलाज कराने, या फिर किसी से मिलने यातायात पुलिस के पाइंट पर खडे कर्मी बाहर की नंबर वाली खासतौर पर चार पहिया वाहन को रोककर या तो उसका बिना किसी बजह से दबाब बनाकर चालानी कार्रवाई करते है और कभी कभी उसके नंबर पर घर पर भी अचानक बिना कारण चालान भेज रहे है। इससे इन राज्यों के चार पहिया वाहन चालक परेशान है और यातायात पुलिस के अधिकारी भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार आजकल कुछ पाइंट पर खडे यातायात कर्मी सिर्फ यह देखते है कि बाहर के राज्य के खासतौर पर उत्तर प्रदेश, राजस्थान छत्तीसगढ, दिल्ली व हरियाणा के नंबर वाली चार पहिया वाहन को रोककर उसके चालक चाहे वह चालक हो या वाहन मालिक उसे कागज दिखाने से लेकर सीट बेल्ट आदि की कमी बताकर चालानी कार्रवाई करने में मशगूल है। यह पुलिस कर्मी यह तक नहीं देखते कि आने वाला वाहन उत्तर प्रदेश या राजस्थान के नंबर का है किसी अत्यंत आवश्यक कार्य से जा रहा है तो वह उसे जानबूझकर रोककर परेशान करने का प्रयास करते है। चाहे उस वाहन में कोई मरीज हो या चार पहिया में वह परिवार बैठा हो जो कहीं गमी से वापस लौट रहा हो उसे भी यातायात कर्मी परेशान करते है। इतना ही नहीं अपनी बात कहने के बाद भी यातायात कर्मी ऐसा व्यवहार करते है जैसे राजस्थान, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ नंबर वाले दुश्मन हों या इन राज्यों में वाहनों के साथ आने वाले का पासपोर्ट भी जरूरी हों। जैसे यह वाहन चालक विदेश में आ गये हों।
उधर मध्यप्रदेश पुलिस की इस हरकत से अब राजस्थान और उत्तर प्रदेश के पुलिस कर्मियों ने भी अपने यहां आने वाले खासतौर पर धौलपुर, भरतपुर और आगरा में भी एमपी नंबर के चार पहिया वाहन चालकों को भी रोकर उनका चालान काटना शुरू कर दिया है। उधर बाहर से आने वाले वाहन चालकों के चालान भी उनके नंबर से बाहर उनके घरों पर भेजे जा रहे है। इससे अब लोग परेशान है वहीं कई चालान तो ई चालान के नाम पर फर्जी भी भेजे जा रहे है। इससे भी लोग परेशान होकर पुलिस कर्मियों को कोसते है।
उधर उत्त्र प्रदेश के महानिदेशक पुलिस ने स्पष्ट आदेश दिये है कि बाहर के नंबर के वाहनों को ना रोका जाये। लेकिन उत्तर प्रदेश और राजस्थान से मध्यप्रदेश खासतौर पर ग्वालियर आने वाले वाहनों की लगातार चेकिंग के नाम पर उन्हें परेशान करने से लोग अब परेशान हो गये हैं। इसी कारण अब राजस्थान और उत्तर प्रदेश में भी एमपी या ग्वालियर के वाहनों को रोककर परेशान किया जाने लगा है। कुल मिलाकर इन सभी राज्यों में वाहनों की खार निकाली जाने लगी हैं। मध्यप्रदेश के डीजीपी को भी चाहिये कि वह भी बाहर से आने वाले वाहनों को बेवजह नहीं रोकें और बिना किसी बडी गलती के चलते चालानी कार्रवाई ना करें।