अनंत फल प्रदान करता है अन्नदान : पं मुद्गल
कांचमिल नवीन पार्क में शिवपुराण कथा
ग्वालियर। हमें अपने सामर्थ्य के अनुसार दान अवश्य करना चाहिए। सबसे ज्यादा महत्व अन्नदान का हैं, इसलिए हमेें यथासंभव अन्नदान जरूर करना चाहिए, लेकिन दान का अभिमान कभी नहीं करना चाहिए। यह विचार पं भूपेंद्र मुद्गल ने कांचमिल नवीन पार्क में आयोजित हो रही श्रीशिवपुराण कथा के छंठवे दिन बुधवार को व्यक्त किए।

उन्होंने ब्राह्मण भोजन का महत्व बताते हुए कहा कि ब्राह्मण गायत्री का जाप करता है, जिसमें इतनी ऊर्जा होती है कि जीवन का संकट दूर हो जाते हैं, इसलिए इसे महामंत्रा कहा जाता है। उन्होंने बताया कि भगवान शिव का पंचामृत से अभिषेक करने के बाद शुद्ध जल से स्नान जरूर कराना चाहिए,तभी उसका फल मिलता है। पार्थिव शिवलिंग का निर्माण करते वक्त पंचाक्षरी मंत्र का जापक करना चाहिए। शिव आराधना के समय रुद्राक्ष धारण करने से सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। पंचामृत का महत्व बताते हुए उन्होंने पांचों दृव्य का फल बताया। दूध से कामना शुद्धि, शक्कर से बुद्धि तेज, शहद, समृद्धि तथा जल में कुशा मिलाने से पितृदोष शांत होते हैं।
भगवान की नजर में कोई जाति नहीं.....
उन्होंने कहा कि भगवान की नजर में कोई जाति और ऊंच नीच नहीं हैं। मनुष्य अपने फायदे के लिए जातिवाद का जहर घोल रहा है। किसी भी जाति का व्यक्ति यदि सच्चे मन से भगवान का स्मरण करता है तो उसे समान फल प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि भगवान ऐसे लोगों से कभी प्रसन्न नहीं होते जो अपना काम ठीक से नहीं करते हैं तथा दूसरे के कामों में अड़ंगा लगाते हैं।
इस मौके पर रूबी शर्मा, बरखा राजावत,नीतू अग्रवाल, हेमा अग्रवाल, रानू अग्रवाल,ऊषा,सांकली तोमर, गुंजन तोमर, उमा सिकरवार, मुन्नी, किरण ,मंजू,संगीता भदौरिया,अनीता शर्मा, उमेश सिंह राजावत ने व्यासपीठ की आरती की।