एनसीसी ओटीए ग्वालियर में प्री-कमीशन कोर्स - 117 की दीक्षांत परेड संपन्न
ग्वालियर। एनसीसी आफीसर्स प्रशिक्षण अकादमी में आज प्री कमीशन कोर्स 117 की दीक्षांत परेड संपन्न हुई । इसमें 129 प्रशिक्षणार्थियों ने भाग लिया। दीक्षांत परेड की समीक्षा केंद्रीय कमान के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (जीओसी-इन-सी), केंद्रीय कमान लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्या सेनगुप्ता, द्वारा की गई ।
इस अकादमी में भारत के विभिन्न राज्यों से आई कुल 129 प्रशिक्षार्थियों ने 45 दिवसीय कोर्स पूर्ण किया जिसमें विभिन्न प्रकार के सेना प्रशिक्षण जिसमे बेसिक सैन्य प्रशिक्षण, व्यक्तित्व विकास, उपदेशक कौशल, मैप रीडिंग, ड्रिल, एडवेंचर, खेल-कूद, कैम्प प्रशिक्षण, योगा, आपदा प्रबंधन की ट्रेनिंग तथा एनसीसी विषय का प्रशिक्षण प्रदान किया गया। अफसर प्रशिक्षण अकादमी, ग्वालियर सम्पूर्ण देश में एकमात्र ऐसा संस्थान है जहां महिला अफसर, सहायक एनसीसी अफसर तथा बालिका कैडेट्स अनुदेशक का प्रशिक्षण होता है।इस अवसर पर एनसीसी के डीजी लेफ्टिनेंट जनरल वीरेन्द्र बत्स अकामी के कमांडेंट ब्रिगेडियर संजय कुमार यादव सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। इन महिला एनसीसी अधिकारियों को राष्ट्रीय ध्वज के समक्ष ले० कर्नल अस्मिता, प्रशिक्षण अधिकारी ( समन्वय) एवं मेजर अरूंधति शाह, अतिरिक्त प्रशिक्षण अधिकारी द्वारा शपथ दिलवाई जिसके तहत् सभी प्रशिक्षार्थियों ने एनसीसी नियमों पर अमल करने की शपथ ली। इस अवसर पर लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्या सेनगुप्ता, ने उत्कृष्ट आने वाली प्रशिक्षणार्थियों को पुरस्कार वितरित किये।

एन सी सी महानिदेशक का प्लेक ऑफ ऑनर राजस्थान निदेशालय की द्वितीय अफसर शिखा सिंह को प्रदान किया गया, सर्वश्रेष्ठ एएनओ का शर्मा कप शिखा सिंह को , एनसीसी महानिदेशक ट्रॉफी जम्मू एवं कश्मीर की सीटीओ एकता रावत, को , कमांडेंट का स्वर्ण पदक शिक्षा सिंह को , लीडरशिप ट्रॉफी जम्मू काश्मीर निदेशालय की अनीशा यादव को तथा सर्वश्रेष्ठ जीसीआई उत्तर प्रदेश निदेशालय की अनामिका चैधरी को प्रदान किया गया ।
चेम्पियनशिप बैनर अहिल्याबाई कंपनी को प्रदान किया गया।
इस अवसर पर लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्या सेनगुप्ता ने संबोधित करते हुये कहा कि पासिंग आउट परेड हमेशा गर्व का क्षण होता है। लेकिन आज का दिन किसी कोर्स के सफल समापन से कहीं अधिक महत्व रखता है। जब आप एसोसिएट
एनसीसी ऑफिसर्स और गर्ल कैडेट इंस्ट्रक्टर्स के रूप में यहाँ से आगे बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि आप एक ऐसी जिम्मेदारी संभालेंगे जो अनोखी और गहरी है युवाओं के मन को आकार देने और उनके माध्यम से हमारे देश के भविष्य में योगदान देने की जिम्मेदारी। नेशनल कैडेट कॉर्प्स का हमारे देश के ताने-बाने में एक विशेष स्थान है। पीढ़ियों से, इसने एकता और अनुशासन की भावना से एकजुट होकर अलग-अलग क्षेत्रों, भाषाओं, समुदायों और पृष्ठभूमियों के युवा भारतीयों
को एक साथ लाया है। एनसीसी की ताकत केवल इसकी संख्या, इसके कैंप या
इसकी औपचारिक परंपराओं में निहित नहीं है। इसकी असली ताकत युवाओं को बदलने की क्षमता में है कृ
झिझक की जगह आत्मविश्वास जगाना, अनिश्चितता की जगह अनुशासन लाना, और व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा की जगह सेवा की भावना पैदा करना।