उज्जैन| भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री पारस चंद्र जैन का 76 वर्ष की आयु में निधन हो गया है. निधन की खबर से प्रदेश की राजनीति में शोक की लहर दौड़ गई है. पारस चंद्र जैन मध्य प्रदेश की राजनीति में लंबे वक्त तक सक्रिय रहे हैं. अपने पॉलिटिकल करियर में उन्होंने कई अहम पदों पर जिम्मेदारियां संभाली हैं. पारस चंद्र जैन लंबे वक्त से बीमार चल रहे थे. उनके निधन की जानकारी उज्जैन जिला मीडिया प्रभारी दिनेश जाटवा और पारस चंद्र जैन के पीए शुभम माली द्वारा दी गई है.
पूर्व मंत्री कई दिनों से बीमार चल रहे थे. उनका इंदौर के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है. जहां 3 अगस्त सोमवार को इलाज के दौरान उनका निधन हो गया. पारस चंद्र जैन का जन्म 20 जून 1950 में उज्जैन में हुआ था. उनके पिता का नाम स्व. समरथमल तलेरा, माता कैलाश बाई, पत्नी अंगुरबाला जैन व बच्चे स्वाति मोगरा, संध्या तलेरा है. उनके पिता अनाज का व्यवसाय करते थे. पारस चंद्र जैन तीन बार उज्जैन के उत्तर विधानसभा सीट से विधायक रह चुके हैं. 1990 में वह पहली बार विधायक बने थे. हालांकि 2023 में उन्हें टिकट नहीं मिला था.
राजनीतिक एवं सामाजिक जीवन का संक्षिप्त परिचय:
- दीर्घकालिक राजनीतिक करियर: श्री पारस चंद्र जैन जी मध्य प्रदेश भाजपा के बेहद वरिष्ठ और जमीनी नेता थे.
- विधायक के रूप में सेवाएं: उन्होंने उज्जैन उत्तर विधानसभा क्षेत्र का लंबे समय तक प्रतिनिधित्व किया और कई बार इस क्षेत्र से विधायक चुने गए.
- महत्वपूर्ण मंत्री पद: प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री रहते हुए उन्होंने ऊर्जा मंत्रालय, स्कूल शिक्षा विभाग और उच्च शिक्षा विभाग जैसे कई बेहद अहम मंत्रालयों की जिम्मेदारियां संभालीं.
- भारत स्काउट एवं गाइड: वर्तमान में वे भारत स्काउट एवं गाइड के राज्य मुख्य आयुक्त (State Commissioner) के पद पर कार्यरत थे.
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित प्रदेश के तमाम वरिष्ठ नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है और इसे प्रदेश की राजनीति तथा समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया है.