वृद्धा का एटीएम कार्ड बदला, क्रेडिट कार्ड से खरीदी
- साइबर ठगी, लूट, जानलेवा हमले के बाद भी पुलिस बेखबर
ग्वालियर| अपराध व अपराधी इनदिनों खुलकर मैदान में आ चुके हैं। अब इन्हें रोकना भी पुलिस के लिए मुश्किल हो रहा है। आलम ये है कि घर में घुसकर, होटल में और सरेआम दुकान चलाने वालों पर गोलीबारी व मारपीट की घटनाएं घट रही हैं। रात हो या दिन पुलिस भी ऐसे अपराधियों के खिलाफ समय रहते कुछ नहीं कर पा रही है। शहर में त्योहार व बाजारों में खरीदारी करने वालों को भय के माहौल में अपने काम को अंजाम देना पड़ रहा है।
दरअसल शहर में इनदिनों घटित हो रहे अपराधों ने लोगों की मुश्किल को बढ़ाया है। रात में आते-जाते लोगों को अपराधी अपने टारगेट पर ले रहे हैं। हालात ये हैं कि लूट और हमले जैसे मामलों में ही नहीं अब तो साइबर अपराध करने वाले भी बुजुर्गों को निशाने पर ले रहे हैं। साइबर ठगों ने शताब्दीपुरम निवासी एक वृद्धा को बड़े ही शातिर तरीके से ठगा। मुरार स्थित जिला अस्पताल जैसे व्यस्ततम क्षेत्र में स्थापित एटीएम से पांच हजार रुपए निकालने पहुंची वृद्धा बीना राठौर (68) को मदद के बहाने एटीएम कार्ड बदलकर दस-दस हजार रुपए दो बार और पांच हजार रुपए निकाल लिए। शातिर ठगों ने आनलाइन शापिंग करके 14 हजार रुपए खाते से गायब कर दिए। वृद्धा के खाते से कुल 49 हजार रुपए गायब हो गए।
वहीं बहोड़ापुर थाना क्षेत्र में भी एक पेट्रोल पंप संचालक के साथ साइबर ठगी की वारदात को बेहद शातिर ढंग से अंजाम दिया गया। साइबर ठगों ने सागरताल स्थित प्रधानमंत्री आवास योजना के एमआईजी फ्लैट में रह रहे पेट्रोल पंप संचालक संजय ध्रुवकरया के साथ साइबर ठगी की। संजय का मोबाइल अचानक बंद हो गया। किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनके आरबीएल बैंक के क्रेड़िट कार्ड से 4 लाख 27 हजार 333 रुपए की अनलाइन खरीदी कर ली। शहर में शाम होते ही तेज रफ्तार वाहनों में घूम रहे अपराधी संगीन वारदातों को बेखौफ अंजाम दे रहे हैं। रात होते ही स्टेशन व बस स्टैंड के नजदीक यह अपराधी जमे रहते हैं। रात एक से दो बजे के बाद चाय व खान-पान के होटलों पर इस कदर मजमा लगता है कि पुलिस भी कुछ नहीं कर पाती। जबकि यहां स्थापित चाय के स्टाल अवैध रूप से संचालित हो रहे हैं मगर उन्हें हटाने की किसी भी स्तर पर कोशिश नहीं होती।