मूट कोर्ट प्रतियोगिताएं विधि शिक्षा को व्यावहारिक अनुभव से जोड़ती हैंः प्रो. सिसोदिया
ग्वालियर। माधव विधि महाविद्यालय में एम.जी. खेड़कर स्मृति राष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता का समापन हुआ। इसमें अर्पित मिश्रा बेस्ट मूटर और दिव्यांश बेस्ट रिसर्चर चुने गए। समारोह में मुख्य अतिथि जीवाजी विश्वविद्यालय के डीसीडीसी प्रो. शांतिदेव सिसोदिया ने कहा कि विधि शिक्षा केवल कानूनों के अध्ययन तक सीमित नहीं है, मूट कोर्ट जैसी प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों को कक्षा से न्यायालय तक के सफर के लिए तैयार करती हैं।
मध्य भारत शिक्षा समिति द्वारा संचालित इस प्रतियोगिता में देश भर से 24 टीमों ने हिस्सा लिया। फाइनल एमिटी यूनिवर्सिटी लखनऊ और जयंती भाई पटेल लॉ कॉलेज मुंबई के बीच हुआ। साइबर धोखाधड़ी के मामले पर दोनों टीमों ने तर्क रखे। इसमें एमिटी यूनिवर्सिटी लखनऊ विजेता और जयंती भाई पटेल लॉ कॉलेज उपविजेता रहा। बेस्ट मूटर का पुरस्कार अर्पित मिश्रा (एमिटी लखनऊ), बेस्ट रिसर्चर दिव्यांश (सिंबायोसिस पुणे) और बेस्ट मेमोरियल का पुरस्कार निम्स इंदौर की टीम को मिला। निर्णायक वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश दीक्षित और अधिवक्ता ब्रह्म दत्त शर्मा रहे। कार्यक्रम में शासी निकाय अध्यक्ष अधिवक्ता विवेक खेड़कर, प्राचार्य डॉ. नीति पांडे सहित अन्य उपस्थित रहे।