आईटीएम यूनिवर्सिटी ग्वालियर में स्कूल आफ साइंसेज द्वारा दो दिवसीय ओरियंटेशन प्रोग्राम ‘लाॅन्चपैड‘ आयोजित
- छात्र-छात्राएं बदलते समय के अनुरूप स्वयं को विकसित करने के लिए एआई, जैव प्रौद्योगिकी जैसी उभरती तकनीकों को अपनाएंः डीन प्रोफेसर मनीष शर्मा
- छात्र-छात्राओं नियमित रूप से अपनी शैक्षणिक प्रगति का मूल्यांकन करना चाहिएः डाॅ. रंजीत सिंह तोमर
- संस्थान में आपको पढ़ाई के साथ-साथ भारतीय संस्कृति की विरासत को करीब से जानने, समझने और अध्ययन करने का मौका मिलेगाः डीएसडब्ल्यू तृप्ति पाठक
- मूवी दिखाकर छात्र-छात्राओं को दिया शोध, नवाचार, वैज्ञानिक सोच, कठिन परिश्रम एवं लक्ष्य के प्रति समर्पण का प्रेरक संदेश
ग्वालियर ।आईटीएम यूनिवर्सिटी ग्वालियर के स्कूल आफ साइंसेज द्वारा बीएससी फूड टेक्नोलाॅजी, बीएससी बायोटेक्नोलाॅजी, माइक्रोबायोलाॅजी, बीएससी फाॅरेंसिक साइंस और बीएससी कंप्यूटर साइंस के उच्च सेमेस्टर के नवप्रवेशित छात्र-छात्राओं के लिए दो दिवसीय ‘ओरियंटेशन-2026-27 प्रोग्राम ‘लाॅन्चपैड‘ का आयोजन किया गया। इस प्रोग्राम में स्कूल आफ साइंसेज के डीन प्रोफेसर मनीष शर्मा, डीन एकेडमिक डाॅ. रंजीत सिंह तोमर, डीएसडब्ल्यू तृप्ति पाठक, आईडियापैड निदेशक अशीष चंदेल, डाॅ. वाणी अग्रवाल, डाॅ. तियाशा सरकार, डाॅ. रीता शर्मा, सुश्री किमी मिंज, डाॅ. आकाश सिंघल, अक्षय सिंह सेंगर, सुश्री वर्षा चैहान सहित विभिन्न विभागों के डीन, प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर और बड़ी संख्या में नवप्रेशित छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
छात्र-छात्राएं बदलते समय के अनुरूप स्वयं को विकसित करने के लिए एआई, जैव प्रौद्योगिकी जैसी उभरती तकनीकों को अपनाएंः डीन प्रोफेसर मनीष शर्मा
आईटीएम यूनिवर्सिटी ग्वालियर के स्कूल आफ साइंसेज द्वारा नवप्रवेशित छात्र-छात्राओं के लिए संस्थान के तुरारी परिसर में जेसी ब्लाॅक स्थित मधुलिमये सभागार में आयोजित ओरियंटेशन-2026-27 प्रोग्राम का शुभारंभ करते हुए डीन प्रोफेसर मनीष शर्मा ने कहा कि प्रोग्राम का उद्देश्य छात्र-छात्राओं को आईटीएम यूनिवर्सिटी ग्वालियर की शैक्षणिक व्यवस्था, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020, डिजिटल शिक्षण, शोध, नवाचार, कॅरियर विकास और छात्र कल्याण से संबंधित सुविधाओं से परिचित कराना है। उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं को बदलते समय के अनुरूप स्वयं को विकसित करने, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), जैव प्रोद्योगिकी जैसी उभरती तकनीकों को अपनाने और शोध एवं नवाचार के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने राॅबर्ट फ्राॅक के प्रेरक उदाहरण के माध्यम से छात्र-छात्राओं को जीवन में निरंतर आगे बढ़ने का संदेश दिया।
छात्र-छात्राओं नियमित रूप से अपनी शैक्षणिक प्रगति का मूल्यांकन करना चाहिएः डाॅ. रंजीत सिंह तोमर
आईटीएम यूनिवर्सिटी ग्वालियर के स्कूल आफ साइंसेज द्वारा नवप्रवेशित छात्र-छात्राओं के लिए आयोजित ओरियंटेशन-2026-27 प्रोग्राम में डीन एकेडमिक डाॅ. रंजीत सिंह तोमर ने आईटीएम यूनिवर्सिटी ग्वालियर की शैक्षणिक प्रणाली, भारतीय ज्ञान प्रणाली, आडिट क्रेडिट, सेमेस्टर प्रमोशन नियमों और विभिन्न पाठ्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने छात्र-छात्राओं से कहा कि नियमित रूप से अपनी शैक्षणिक प्रगति का मूल्यांकन करने एवं आवश्यक क्रेडिट समय पर पूर्ण करने के लिए प्रेरित किया।
संस्थान में आपको पढ़ाई के साथ-साथ भारतीय संस्कृति की विरासत को करीब से जानने, समझने और अध्ययन करने का मौका मिलेगाः डीएसडब्ल्यू तृप्ति पाठक
डीएसडब्ल्यू तृप्ति पाठक ने आईटीएम यूनिवर्सिटी ग्वालियर की आधिकारिक वेबसाइट, अनुशासन समिति, एंटी-रैगिंग सेल, शिकायत निवारण प्रणाली, छात्रवृत्ति, छात्र क्लबों, सांस्कृतिक गतिविधियों तथा व्यक्ति विकास से जुड़े विभिन्न अवसरों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि संस्थान में आपको पढ़ाई के साथ-साथ भारतीय संस्कृति की विरासत को करीब से जानने समझने और अध्ययन करने का मौका मिलेगा। क्योंकि हमारी संस्कृति ही हमारी विरासत है।
आईडियापैड के निदेशक आशीष चंदेल ने छात्र-छात्राओं को स्टार्टअप एवं उद्यमिता के अवसरों से परिचित कराया। उन्होंने नवाचार आधारित सोच, मिनिम वेल्यूवल प्रोडक्ट, वैज्ञानिक स्टार्टअप, तथा टिंकरर्स लैब की गतिविधियों पर विस्तार से चर्चा करते हुए छात्र-छात्राओं को अपने विचारों को सफल उद्यम में परिवर्तित करने के लिए प्रेरित किया।
वहीं आईक्यूएसी की निदेशक डाॅ. वाणी अग्रवाल ने आईटीएम यूनिवर्सिटी ग्वालियर के प्रकाश पोर्टल, लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम का प्रदर्शन करते हुए छात्र-छात्राओं को उपस्थिति, परीक्षा, प्रशिक्षण, प्लेसमेंट, शिकायत निवारण, छात्रावास, परिवहन एवं अन्य शैक्षणिक सेवाओं की जानकारी दी।
डाॅ. तियाशा सरकार ने प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग, गेमिफाइड लर्निंग, एक्सपेक्टेड लर्निंग आउटकमम्स तथा अनुभवात्मक शिक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग छात्र-छात्राओं में समस्या समाधान क्षमता, टीमवर्क, आलोचनात्मक चिंतन, आत्मविश्वास एवं व्यावहारिक कौशल का विकास करता है।
इसी क्रम में डाॅ. रीता शर्मा, सुश्री किमी मिंज एवं डाॅ. आकाश सिंघल ने शिक्षण अधिगम प्रक्रिया प्रायोगगिक शिक्षण, मेंटरिंग प्रणाली, पाठ्यक्रम संरचना, क्रेडिट प्रणाली, मूल्यांकन प्रक्रिया, काॅर्स आउटकम, ब्लूम्स टेजोनोमी, भारती ज्ञान प्रणाली, प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग, एक्टिव लर्निंग की अवधारणाओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने छात्र-छात्राओं को आलोचनात्मक चिंतन, कौशल विकास, शोध आधारित अध्ययन तथा चैट जीपीटी, जैमिनी, क्लाउड, जीआईटी हब, नोटबुक एलएम जैसे एआई आधारित विभिन्न शैक्षणिक उपकरणों के जिम्मेदार एवं प्रभावी उपयोग के लिए प्रेरित किया। साथ ही आईटीएम यूनिवर्सिटी ग्वालियर के विभिन्न क्लब गतिविधियों तथा एआईयू द्वारा आयोजित खेल साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं युवा महोत्सवों में सहभागिता के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
वहीं अक्षय सिंह सेंगर ने स्वयं, एनपीटीईएल एवं अन्य मूक पाठ्यक्रमों की उपयोगिता, आनलाइन नामांकन, प्रमाणन प्रक्रिया, क्रेडिट ट्रांसफर प्रणाली की जानकारी देते हुए छात्र-छात्राओं को ‘लर्निंग नेवर स्टाॅप-मेक मूक योर हैबिट‘ का प्रेरक संदेश दिया।
इसी तरह सुश्री वर्षा चैहान ने परीक्षा प्रणाली, उपथिति नियम, अनुशासन, स्वयं क्रेडिट की अनिवार्यता तथा एलएमएस एवं ई-प्रकाश प्रोर्टल के प्रभावी उपयोग की जानकारी प्रदान की।
इसी क्रम में राहुल धाकड़ ने एनसीसी एवं एनएसएस की उपयोगिता, प्रवेश प्रक्रिया, नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं व्यक्तित्व विकास में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला।
मूवी दिखाकर छात्र-छात्राओं को दिया शोध, नवाचार, वैज्ञानिक सोच, कठिन परिश्रम एवं लक्ष्य के प्रति समर्पण का प्रेरक संदेश
आईटीएम यूनिवर्सिटी ग्वालियर के स्कूल आफ साइंसेज द्वारा आयोजित ओरियंटेशन प्रोग्राम ‘लाॅन्च पेड‘ के तहत नव प्रेवशित छात्र-छात्राओ को दोनों दिवस प्रेरणादायक मूवी ‘ए ब्यूटीफुल माइंड‘ दिखाई गई। इस मूवी के माध्यम से छात्र-छात्राओं को शोध, नवाचार, वैज्ञानिक सोच, कठिन परिश्रम एवं लक्ष्य के प्रति समर्पण का प्रेरक संदेश दिया गया।