जेल में बंदी आत्मचिंतन कर सही मार्ग चुन सकते हैं: प्रधान जिला न्यायाधीश
ग्वालियर । केन्द्रीय जेल में बुधवार को प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री ललित किशोर की उपस्थिति में विधिक जागरूकता शिविर लगाया गया। इस अवसर पर उन्होंने बंदियों को संबोधित किया। साथ ही बंदियों के विधिक अधिकारों व नि:शुल्क विधिक सहायता के संबंध में जानकारी दिलाई।
प्रधान जिला न्यायाधीश श्री ललित किशोर ने बंदियों को संबोधित करते हुए कहा कि जन्म से कोई अपराधी नहीं होता। विभिन्न परिस्थितियों अथवा आवेग में मनुष्य से अपराध हो जाता है। बंदीजन जेल में आत्मचिंतन कर जीवन की सही दिशा चुन सकते हैं। यहां पर सही राह पर चलने के लिये सोचने-समझने का मौका मिलता है। बंदी यहां पर यह आत्म मंथन कर सकते हैं कि मुझसे कहां गलती हुई, जिसके कारण हमें जेल आना पड़ा। जेल में रहकर बंदी अपने आपको बेहतर इंसान बना सकते हैं और अच्छी सोच के सहारे जेल से बाहर आने पर समाज की मुख्यधारा में फिर से शामिल हो सकते हैं। शिविर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव पुष्पेंन्द्र सिंह ने बंदियों को उनके विधिक अधिकारों एवं प्री-बार्गेनिंग व नि:शुल्क विधिक सहायता के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की।