हारा जरूर लेकिन दिल जीताः पारस जैन
- अध्यक्ष चुनाव हारने के बाद पारस की पहली प्रतिक्रिया
(विनय अग्रवाल)
ग्वालियर। मप्र चेंबर आफ कामर्स एण्ड इण्डस्ट्रीज के चुनावों में अध्यक्ष पद पर व्हाईट हाउस प्रत्याशी पारस जैन हार गये है और स्वतंत्र प्रत्याशी डा. प्रवीण अग्रवाल चुनाव जीत गये हो, लेकिन पारस जैन की हिम्मत नहीं टूटी है, वह आज भी व्यापारियों के हित में जीने मरने की बात कर रहे हैं। मंगलवार को इस संवादाता ने पारस जैन से हार पर प्रतिक्रिया पूछी तो उनका कहना था कि चुनाव में हार जीत तो एक प्रत्याशी की होगी। मैं हार गया तो क्या मैंने और हमारे व्हाईट हाउस ने भरपूर मेहनत की, हमारे कदम धीमे जरूर हुये है लेकिन यह वापस थकने वाले नहीं हैं। मैं व्यापार और उद्योग जगत के हित की लड़ाई के साथ ग्वालियर के विकास की लड़ाई में सबसे आगे रहूंगा।
कड़े संघर्ष में स्वतंत्र प्रत्याशी डा. प्रवीण अग्रवाल से पराजित व्हाईट हाउस प्रत्याशी पारस जैन ने स्पष्ट कहा कि वह चेंबर चुनाव हारे जरूर है, लेकिन उन्होंने चेंबर के प्रत्येक सदस्य और प्रत्येक व्यापारी के दिल में अपनी जगह बना ली है और मेरी कोशिश रहेगी कि उनकी बात समय समय पर मैं उठाता रहूंगा, भले ही में अध्यक्ष नहीं हूं तो क्या जनहित की लड़ाई तो हमेशा सड़कों से ही लड़ी जाती हैं। पारस जैन ने कहा कि मैं व्यापारी जगत का सेवक बनकर उनके बीच में रहूंगा और हर मुददा अपनी टीम के साथ प्रमुखता से उठाने में कोई कसर नहीं छोडूंगा। पारस जैन ने कहा कि वह पीछे रहने वाले नहीं है, लोगों ने मुझे चुनाव में जो प्यार व स्नेह दिया है मैं उसके प्रति उनका सदैव ऋणी रहूंगा। पारस जैन ने सभी व्यापारियों व चेंबर सदस्यों से आव्हान किया कि ग्वालियर के विकास से लेकर व्यापारी भाइयों व नगर हित में सभी मिलजुलकर काम करें।
अरविंद जी, गंगवाल जी, भोजवानी जी सभी का सहयोग मिला
पारस जैन ने कहा कि उन्हें चेंबर में अध्यक्ष पद के चुनाव के दौरान व्हाईट हाउस के कोर ग्रुप प्रमुख अरविंद अग्रवाल, डा. वीरेन्द्र गंगवाल, जीएल भोजवानी, अजय बंसल, प्रशांत गंगवाल सहित सभी का भरपूर सहयोग व मार्गदर्शन मिला। उन्होंने कहा कि चुनाव में सभी ने बढ़ चढ़कर मेहनत की।
क्या क्रियेटिव के आकाओं का भी सहयोग मिला
पारस जैन से पूछा गया कि क्या क्रियेटिव हाउस के कोर ग्रुप ने भी आपकी मदद की और प्रत्याशी खड़ा नहीं किया, तो उन्होंने कहा कि मैं इस पर कुछ नहीं बोलूंगा। लेकिन क्रियेटिव हाउस के सह कोर प्रमुख ओमप्रकाश अग्रवाल जरूर मेरे प्रचार को आये थे।