अनुसूचित जाति, जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज प्रकरणों का निराकरण सर्वोच्च प्राथमिकता से करें: संभागीय आयुक्त खत्री

ग्वालियर । अनुसूचित जाति, जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1995 के अंतर्गत गठित संभाग स्तरीय समिति की बैठक संभागीय आयुक्त मनोज खत्री एवं आईजी अरविंद कुमार सक्सेना ने संयुक्त रूप से लेकर निर्देश दिए हैं कि राहत के प्रकरणों का निराकरण तत्परता से किया जाए। राहत प्रकरणों के निराकरण में जो भी दस्तावेज आवश्यक हैं उसकी उपलब्धता भी तत्परता से कराई जाए। राहत प्रकरणों में पुलिस के माध्यम से निर्धारित समय-सीमा में चालान प्रस्तुत करने की कार्रवाई भी सुनिश्चित हो। 
संभागीय आयुक्त मनोज खत्री एवं आईजी अरविंद कुमार सक्सेना ने मंगलवार को संभागीय आयुक्त कार्यालय से संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक कर अनुसूचित जाति, जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत राहत प्रकरणों की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। समीक्षा बैठक में गूगल मीट के माध्यम से डीआईजी ग्वालियर श्री असित यादव, कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री धर्मवीर सिंह सहित ग्वालियर संभाग के सभी कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस अधीक्षक अजाक के साथ ही विभागीय अधिकारी भी शामिल हुए। संभागीय आयुक्त मनोज खत्री ने कहा कि अनुसूचित जाति, जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज प्रकरणों का निराकरण समय-सीमा में हो और पीड़ितों को राहत राशि भी तत्परता से मिले। उन्होंने यह भी निर्देशित किया है कि राहत प्रकरणों के निराकरण में जाति प्रमाण-पत्र के साथ ही अन्य जो भी दस्तावेज जरूरी हैं उसकी उपलब्धता भी तत्परता से कराई जाए, ताकि पीड़ित को सहायता राशि भी उपलब्ध कराई जा सके। उन्होंने यह भी निर्देशित किया है कि संभाग के सभी जिला कलेक्टर जिला स्तरीय एवं अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अनुभाग स्तर की समीक्षा बैठकें भी नियमित कर राहत प्रकरणों की समीक्षा करें और प्रकरणों के निराकरण में तेजी लाएं। 
आईजी अरविंद कुमार सक्सेना ने कहा कि राहत प्रकरणों के निराकरण में पुलिस अधिकारी भी तत्परता से कार्रवाई करें। चालान प्रस्तुत करने की कार्रवाई भी निर्धारित समय-सीमा में की जाए। उन्होंने यह भी निर्देशित किया है कि अनुसूचित जाति, जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत जो भी प्रकरण दर्ज होते हैं उसकी सूचना तत्परता से जिला कलेक्टर एवं संबंधित क्षेत्र के अनुविभागीय अधिकारी को भी अनिवार्यत: दी जाए। उन्होंने जिला कलेक्टरों से भी अपेक्षा की कि जिन प्रकरणों में जाति प्रमाण-पत्र की आवश्यकता है उनमें जाति प्रमाण-पत्र बनवाने की कार्रवाई तत्परता से कराई जाए ताकि समय-सीमा में चालान प्रस्तुत हो सके।बैठक में डीआईजी असित यादव ने भी प्रकरणों के निराकरण में जाति प्रमाण-पत्र की आवश्यकता को जरूरी बताते हुए जाति प्रमाण-पत्र तत्परता से बनवाने के लिये सभी जिलों में कलेक्टरों के माध्यम से दिशा-निर्देश जारी कराने की आवश्यकता बताई। बैठक में ग्वालियर कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह सहित संभाग के सभी कलेक्टरों एवं पुलिस अधीक्षकों ने अपने-अपने जिले में राहत प्रकरणों के संबंध में की जा रही कार्रवाई के संबंध में जानकारी दी। 

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