महाराणा प्रताप की जयंती पर क्षत्रिय महासभा ने मनाया जन्मोत्सव
ग्वालियर । दिनांक 17 जून 2026 बुधवार को क्षत्रिय स्वाभिमान के प्रतीक, मेवाड़ मुकुट, अप्रतिम योद्धा, वीर शिरोमणी सनातन धर्म रक्षक, क्षत्रिय कुलभूषण, स्वराजनायक, स्वाभिमान एवं सूरवीरता के प्रतीक मेवाड़पति महाराणा प्रताप की 486वीं जन्म जयंती अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा द्वारा गोला का मंदिर चौराहे पर प्रतिमा स्थल पर प्रातः 8 बजे धूमधाम से मनाई गयी ।
प्रेस को जारी विज्ञप्ति मैं बताया गया कि हिन्दू पंचांग के अनुसार इस वर्ष ज्येष्ठ सुधी तृतीया 17 जून को है , अतः भारतीय कालगणना पंचांग के अनुसार महाराणा प्रताप का जन्मदिवस 17 जून को मनाने का निर्णय लिया गया।अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के राष्ट्रीय महामंत्री इंजीनियर राजेन्द्र सिंह भदौरिया के नेतृत्व में प्रदेश, संभाग एवं जिला कार्यकारिणी एवं नगर में निवासरत महासभा के समस्त पदाधिकारियों ने प्रातः 8 बजे गोला का मंदिर प्रतिमा स्थल पर एकत्रित होकर महाराणा प्रताप की प्रतिमा का पूजन एवं माल्यार्पण किया तथा हर्ष के साथ उपस्थित जन समुदाय के बीच मिष्ठान वितरण किया ।
तत्पश्चात इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष श्री बृजपाल सिंह तोमर के मुख्य आतिथ्य में तथा श्री रघुराज सिंह तोमर की अध्यक्षता में एक संगोष्ठि का आयोजन किया गया जिसमें वक्ता के रूप में के.पी. सिंह भदौरिया, रणवीर सिंह सिकरवार, विष्णु प्रताप सिंह भदौरिया अतर सिंह तोमर, भँवर सिंह जादौन आदि ने अपने विचार रखे तथा सभी ने एक मत से महाराणा प्रताप को एक महान इतिहास पुरुष बताते हुये सनातन संस्कृति का ध्वजवाहक तथा राष्ट्रवीर के रूप में परिभाषित किया। कार्यक्रम में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के नरेन्द्र सिंह भदौरिया, संजय सिंह भदौरिया, विनोद सिंह सिकरवार, गीता भदौरिया, सचिन राजावत, महेश भदौरिया, डा. सुरेश सिंह तोमर, कृष्णा सिकरवार, अजय प्रताप राजावत जितेन्द्र सिंह तोमर, अभिलाख सिंह भदौरिया, हीरेंद्र सिंह जादौन, रणवीर सिंह चौहान, आर डी राठौर, सुधीर चौहान, जन्मेजय सिंह तोमर, गौरव राजावत, कृष्ण पाल सोलंकी, अजय सिंह तोमर, रामप्रताप सिंह परमार सहित सैकड़ों क्षत्रिय बन्धु उपस्थित रहे।