आईटीएम यूनिवर्सिटी ग्वालियर में विश्व पर्यावरण दिवस पर एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत वृक्षारोपण और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
- पर्यावरण संरक्षण प्रत्येक नागरिक की सतत जिम्मेदारी हैः वाइस चांसलर प्रोफेसर डाॅ. योगेश उपाध्याय
- पर्यावरण संरक्षण में जनभागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण हैः रजिस्ट्रार डाॅ. ओमवीर सिंह
- फलदार पौधों को लगाकर ली पर्यावरण संरक्षण एवं ऊर्जा बचत की शपथ
ग्वालियर । आईटीएम यूनिवर्सिटी ग्वालियर के ईको क्लब, उन्नत भारत अभियान (यूबीए) प्रकोष्ठ, एनसीसी इकाइयों, राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) प्रकोष्ठ, स्कूल आफ साइंसेज के सहयोग से विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत ‘वृक्षारोपण और जागरूकता‘ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ‘इंस्पायर्ड बाय नेचर, फोर क्लाइमेंट, फोर फ्यूचर‘ थीम पर आधारित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में वाइस चांसलर प्रोफेसर डाॅ. योगेश उपाध्याय शामिल हुए। इस अवसर पर रजिस्ट्रार डाॅ. ओमवीर सिंह, डीन एकेडमिक प्रोफेसर रंजीत सिंह तोमर, डीन एसओईटी प्रोफेसर मुकेश पाण्डेय, डीन एसओएस प्रोफेसर ऋचा कोठारी, आईक्यूएसी निदेशक डाॅ. वाणी अग्रवाल, डीएसडब्ल्यू तृप्ति पाठक, लेफ्टिनेंट अमनदीप कौर, ईको क्लब समन्वयक डाॅ. विद्यालक्ष्मी, डाॅ. दिनेश सिंह तोमर, डाॅ. रीता शर्मा, वर्षा सिकरवार, काजोल बट्टा, डाॅ. अनुग्या रस्तोगी, डाॅ. रेखा वशिष्ठ सहित विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, डीन, प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
पर्यावरण संरक्षण प्रत्येक नागरिक की सतत जिम्मेदारी हैः वाइस चांसलर प्रोफेसर डाॅ. योगेश उपाध्याय
विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित वृक्षारोपण और जागरूकता कार्यक्रम में मुख्य अतिथि और आईटीएम यूनिवर्सिटी ग्वालियर के वाइस चांसलर प्रोफेसर डाॅ.योगेश उपाध्याय ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिवस तक सीमित गतिविधि नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक दिवस प्रत्येक नागरिक की सतत जिम्मेदारी है। उन्होंने छात्र-छात्राओं से प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनने, अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और भावी पीढ़ियों के लिए हरित एवं सुरक्षित वातावरण निर्मित करने का आव्हान किया। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य विश्व पर्यावरण के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना, एक पेड़ मां के नाम अभियान के माध्यम से वृक्षारोपण को बढ़ावा देना, जलवायु परिवतन एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी विकसित करना, आईटीएम यूनिवर्सिटी ग्वालियर परिसर में हरित आवरण एवं जैव विविधता को बढ़ाना और छात्र-छात्राओं में सदैव विकास एवं पर्यावरणीय नेतृत्व की भावना विकसित करना है।
पर्यावरण संरक्षण में जनभागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण हैः रजिस्ट्रार डाॅ. ओमवीर सिंह
कार्यक्रम में रजिस्ट्रार डाॅ. ओमवीर सिंह ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण में जनभागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने छात्र-छात्राओं एवं स्वयंसेवकों द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए ऐसे अभियानों को समाज में सकारात्मक परिवर्तन का आधार बताया।
डीन एकेडमिक प्रोफेसर रंजीत सिंह तोमर ने छात्र-छात्राओं को सदैव विकास के सिद्धांतों को अपनाने और समाज में पर्यावरण संरक्षण का संदेश प्रसारित करने के लिए प्रेरित किया। वहीं डीन एसओएस प्रोफेसर ऋचा कोठारी ने कहा कि वृक्षारोण जलवायु की चुनौतियों का सामना करने, वायु गुणवत्ता में सुधार लाने और पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने छात्र-छात्राओं को पर्यावरणीय गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया।
डीएसडब्ल्यू तृप्ति पाठक ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण की शुरुआत व्यक्तिगत जिम्मेदारी होती है। उन्होंने छात्र-छात्राओं से दैनिक जीवन में पर्यावरण-अनुकूल व्यवहार अपनाने का आव्हान करते हुए कहा कि ‘एक पेड़ मां के नाम‘ जैसे अभियान प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और भावनात्मक जुड़ाव को मजबूत करते हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से लगाए गए पौधों के संरक्षण का संकल्प लेने और हरित भविष्य के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आग्रह किया।
फलदार पौधों को लगाकर ली पर्यावरण संरक्षण एवं ऊर्जा बचत की शपथ
विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित वृक्षारोपण और जागरूकता कार्यक्रम के दौरान आईटीएम यूनिवर्सिटी ग्वालियर के तुरारी परिसर में उपस्थित सभी अतिथियों और फैकल्टीज एवं 70 से अधिक एनसीसी कैडेट्स और एनएसएस स्वयंसेवकों के अलावा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साह के साथ नींबू, मोसमी, अमरूद, आम, चीकू, अनार सहित विभिन्न प्रजाति के 50 फलदार पौधों को लगाकर उनका संरक्षण करने, खुद को जागरूक रखने व समाज को भी जागरूक करने एवं पृथ्वी को हरभरा रखने की शपथ थी। साथ ही प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण एवं ऊर्जा बचत की शपथ भी ली।