पाल-बघेल समाज की पांच सौ अधिक महिला व पुरुषों का विधायक डॉ. सिकरवार ने किया सम्मान
ग्वालियर। महारानी अहिल्याबाई का शासन निष्पक्षता और न्याय का प्रतीक था। उन्होंने व्यापार, कृषि और उद्योग को बढ़ावा दिया। उन्होंन अपने शासनकाल में अपनी प्रजा की भलाई को हमेशा सर्वोपरि रखा। उनके दरबार में हर व्यक्ति को न्याय मिलता था, चाहे वह कोई साधारण नागरिक हो या उनका अपना सबंधी। यह विचार आज कार्यक्रम के सूत्रधार एवं 16 ग्वालियर पूर्व से कांग्रेस विधायक डाॅ. सतीश सिकरवार ने लोकमाता अहिलयाबाई होल्कर की 301 वीं जयंती पर आयोजित पाल-बघेल समाज के महिला एवं पुरुषों के सम्मान समारोह में व्यक्त किए। इस मौके पर पाल-बघेल समाज के पांच सौ से अधिक महिला व पुरुषों का सम्मान अंगवस्त्र एवं श्रीफल भेंट कर किया। कार्यक्रम का संचालन एम.आई.सी सदस्य एवं पार्षद अवधेश कौरव ने एवं आभार गणेश बघेल ने किया।
लोकमाता देवी अहिल्याबाई की जयंती आज विधायक डॉ. सतीश सिकरवार के नेतृत्व में धूमधाम से मनाई गई। इस दौरान मांडरे की माता चौराहा पर स्थित देवी अहिल्याबाई की प्रतिमा पर माल्यापर्ण किया गया। इस दौरान सहभोज का आयोजन किया गया। साथ ही शाम को देवी अहिल्याबाई के चल समारोह का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया तथा शरबत का वितरण किया। विधायक डॉ. सिकरवार ने कार्यक्रम में अपने उद्बबोद्धन में कहा कि जिस तरह पूज्य शंकराचार्य ने चारों दिशाओं में चार मठों की स्थापना कर सनातन संस्कृति को पुनः स्थापित किया। ठीक उसी तरह देवी अहिल्याबाई होल्कर ने पूर्व से पश्चिम और उत्तर से दक्षिण तक सांस्कृतिक गौरव की पुनप्रतिष्ठा की तथा भारत को एक सूत्र में पिरोया। व्यक्ति निर्माण, समाज निर्माण, नारी सशक्तिकरण, प्रकृति पर्यावरण संवर्धन और भारत के सांस्कृतिक गौरव की पुनः प्रतिष्ठा का जो कार्य अहिल्याबाई होल्कर ने किया, उनके विराट व्यक्तित्व का परिचय कराता है। उन्होंने कहा कि अहिल्याबाई होल्कर ने पूरे भारत में न केवल धार्मिक स्थलों का जीर्णोद्धार कराया, बल्कि काशी विश्वनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण भी करवाया। इसके साथ ही उन्होंने देशभर में अनेक घाट, प्याऊ, कुएँ और धर्मशालाएँ बनवाईं। उनका मानना था कि जनसेवा ही सबसे बड़ी धर्म-साधना है। उन्होंने विधवाओं के अधिकारों की रक्षा की और सामाजिक समरसता को बढ़ावा दिया।
कार्यक्रम में एड. शम्भूदयाल बघेल, एड. प्रेमसिंह बघेल, डाॅ. सीताराम सिंह देव, एड. अंगद सिंह बघेल, एड. बलराम पाल, रामप्रसाद बघेल, हजारी सिंह बघेल, दयाराम बघेल, दशरथ बघेल, अशोक पाल, नारायण बघेल, रतीराम बघेल, गणेश बघेल, श्रीमती रानी पाल, श्रीमती राधारानी पाल, श्रीमती मिथलेश बघेल, प्रदेश प्रवक्ता राम पाण्डे, वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रेमसिंह यादव, ब्लाॅक अध्यक्ष श्रीमती रेखा जाटव, राजेश तोमर, विनोद जैन, अनूप शिवहरे, संदीप यादव, पार्षद केदार बरहादिया, पार्षद सुरेन्द्र साहू, पार्षद प्रमोद खरे, पार्षद अंकित कठठ्ल आदि मंचासीन रहे।