नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए जनभागीदारी जरूरी : विनोद सिंह
ग्वालियर। सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर जिले भर में व्यापक स्तर पर नशा मुक्ति जनजागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। ग्वालियर कलेक्टर के निर्देशानुसार तथा संयुक्त कलेक्टर एवं प्रभारी संयुक्त संचालक सामाजिक न्याय विभाग विनोद सिंह के मार्गदर्शन में विगत एक सप्ताह से विभिन्न नशामुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
इसी क्रम में जिले के विभिन्न क्षेत्रों में नशामुक्ति जागरूकता रथों एवं नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से आमजन को तंबाकू, शराब एवं अन्य नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों से अवगत कराया गया। जागरूकता रथ ग्वालियर जिले की सभी विधानसभा क्षेत्रों में भ्रमण कर लोगों को नशामुक्त जीवन अपनाने का संदेश दे रहे हैं। रथों के माध्यम से प्रसारित ऑडियो संदेशों, पंपलेट वितरण एवं जनसंवाद के जरिए नागरिकों को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया गया। वहीं विभिन्न स्थानों पर आयोजित नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से कलाकारों ने प्रभावशाली प्रस्तुतियां देकर नशे से होने वाली सामाजिक, आर्थिक एवं स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को दर्शाया। कार्यक्रमों में उपस्थित लोगों को नशे के दुष्परिणामों की जानकारी देने के साथ-साथ जीवन में कभी भी किसी भी प्रकार का नशा न करने का संकल्प भी दिलाया गया।
इस अवसर पर संयुक्त कलेक्टर एवं प्रभारी संयुक्त संचालक सामाजिक न्याय विभाग विनोद सिंह ने कहा कि नशा व्यक्ति, परिवार और समाज तीनों के लिए घातक है। युवा पीढ़ी को नशे की लत से बचाने के लिए जनजागरूकता अभियान अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने सभी नागरिकों से नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में रमन शिक्षा समिति के अध्यक्ष हरिओम गौतम, सामाजिक सुरक्षा अधिकारी श्रीमती पूर्वी अग्रवाल, समाजसेवी रामदास माहॊर, अमित मंडेलिया, हिमांशु माहॊर, आदित्य बाथम एवं आकाश खरे विशेष रूप से उपस्थित रहे। अभियान के दौरान बड़ी संख्या में नागरिकों ने सहभागिता करते हुए नशामुक्ति का संकल्प लिया।