भ्रष्टाचार छिपाने की कोशिश पर सी.जी.एम. माया अवस्थी का कड़ा रुख, ग्वालियर के सी.जी.एम. से तलब की जांच रिपोर्ट
*ग्वालियर, मध्य प्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण के मुख्यालय भोपाल में तैनात मुख्य महाप्रबंधक प्रशासन एवं विजिलेन्स श्रीमती माया अवस्थी ने भ्रष्टाचार के मामलों को दबाने की कोशिशों पर कड़ा रुख अपनाते हुए “अनुशासन का हंटर” चलाया है। प्राधिकरण के ग्वालियर स्थित चम्बल संभाग के मुख्य महाप्रबंधक ए.पी.एस. चौहान से उनके अधीनस्थ अधिकारियों सहित जांच रिपोर्ट तलब की गई है।
सूत्रों के अनुसार, चम्बल संभाग के सी.पी.एम. कार्यालय सहित अधीनस्थ महाप्रबंधक कार्यालयों में नियम-विरुद्ध चल रही प्रतिनियुक्तियों, एल.डी. कार्यों तथा निर्माण कार्यों में व्याप्त अनियमितताओं से जुड़े दस्तावेज आरटीआई के माध्यम से मांगे गए थे। मध्य प्रदेश आरटीआई फाउंडेशन के अध्यक्ष एडवोकेट संजय दीक्षित ने 21 नवंबर को प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर भ्रष्टाचार की शिकायत की थी। आरोप है कि उक्त दस्तावेजों को छिपाने का प्रयास किया जा रहा था।
शिकायत के आधार पर मुख्यालय में प्रशासन एवं विजिलेन्स विंग की सी.जी.एम. श्रीमती माया अवस्थी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए ग्वालियर के सी.जी.एम. ए.पी.एस. चौहान को निर्देशित किया कि वे अपने अधीनस्थ 7 महाप्रबंधकों सहित समस्त प्रकरण की विस्तृत जांच रिपोर्ट तत्काल प्रस्तुत करें।
मामला प्रथम अपील प्राधिकरण के आदेशों के कथित उल्लंघन से भी जुड़ा बताया जा रहा है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद अनुशासनात्मक कार्रवाई पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
एडवोकेट संजय दीक्षित ने कहा, “भ्रष्टाचार को छिपाने और नूरा कुश्ती करने की प्रवृत्ति अब नहीं चलेगी। आरटीआई के जरिए जनता के सामने आने वाले दस्तावेजों को दबाने की कोशिश पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।”
प्राधिकरण सूत्रों का कहना है कि यह कार्रवाई मुख्यालय द्वारा पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में उठाया गया बड़ा कदम है।