- अशोक अर्गल व विवेक शेजवलकर के नाम भी आगे बढ़े
भोपाल। मध्यप्रदेश से भाजपा की ओर से राज्यसभा जाने के लिये नेताओं में होड़ मची है। लेकिन कौन दो नेता भाजपा की ओर से राज्यसभा में जायेंगे तय नहीं हैं। वैसे राज्य के एक मंत्री और एक पूर्व मंत्री को राज्यसभा में भेजे जाने के लिये उम्मीदवारी की चर्चा भोपाल से लेकर दिल्ली आलाकमान तक है। स्वयं मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव और प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी इन दो नामों की पैरवी कर सकते हैं।
यहां बता दें कि राज्यसभा की रिक्त हो रही तीन सीटों के लिये अभी जून माह के तीसरे सप्ताह चुनाव होना है। अभी आंकड़ों के हिसाब से दो सीट भाजपा और एक सीट कांग्रेस को मिलना है, लेकिन अब ऐनवक्त पर भाजपा तीन सीटों के लिये कोई रणनीति चाल चल सकती है। भाजपा की कोशिश राज्यसभा की तीनों सीटें हथियाने की हैं। इसीलिये भाजपा कुछ कांग्रेस विधायकों पर डोरे डाल सकती है कि वह गुपचुप भाजपा के पक्ष में मतदान कर जाये। कुल मिलाकर भाजपा आलाकमान अपने तीन दमदार चेहरे राज्यसभा के लिये सामने ला सकती हैं। इसमे एक प्रत्याशी अनुसूचित जाति जनजाति आरक्षित वर्ग से आने की संभावना हैं। भाजपा आलाकमान के सूत्रों के मुताबिक मुरैना भिण्ड के पूर्व सांसद अशोक अर्गल का नाम भी ऐनवक्त पर राज्यसभा के लिये आ सकता हैं। अशोक अर्गल भाजपा में संसद में नोटकांड उछालने वाले ईमानदार सांसद है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी उन्हें इसी ईमानदारी की वजह से पसंद करते है। वह भाजपा के ऐसे नेता है भाजपा ने उन्हें जहां भी भेजा वह वहां से सफल होकर लौटे। अभी हाल ही में असम में उन्होंने भाजपा की सरकार बनाने के लिये डेढ़ माह डेरा डाले रखा और कार्यकर्ताओं को एकजुट कर हर विधानसभा क्षेत्र में दस्तक दी।
साफ सुथरी छवि के अशोक अर्गल सादगी भरे भाजपा नेता है, जो पांच बार सांसद और एक बार मुरैना के महापौर भी रह चुके है, उन्हें संसद में पहली बार सबसे कम उम्र में सांसद बनने का गौरव भी मिला हैं। पूर्व सांसद अशोक अर्गल से भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन भी बेहद प्रभावित है और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी राज्यसभा की एक सीट पर दलित और पिछड़े वर्ग के प्रतिनिधि को राज्यसभा में भेजे जाने की पैरवी कर चुके हैं।
पूर्व सांसद विवेक शेजवलकर का नाम भी चर्चा में
राज्यसभा के लिये ग्वालियर के पूर्व सांसद व मेयर विवेक नारायण शेजवलकर का नाम भी चर्चा में आलाकमान के समक्ष आया है। भाजपा राज्य के चुनाव अधिकारी रहे विवेक नारायण शेजवलकर का परिवार भाजपा के संस्थापकों में से एक रहा है और विवेक शेजवलकर स्वयं संघ के प्रमुख लोगों की पसंद है। सीधे सरल लेकिन पढ़े लिखे विवेक शेजवलकर को भी भाजपा राज्यसभा में भेजकर राज्यसभा में पार्टी की ओर से सरकार का पक्ष मजबूती से रखने वालों में उन्हें आगे कर सकती हैं।