चेतकपुरी रोड कुलदीप नर्सरी वारिश में फिर मुददा बनेगी, जल भराव होगा
अजय मिश्रा
ग्वालियर। ग्वालियर में जहां प्रशासन आगामी वारिश को देखते हुये अपनी तैयारियां शुरू कर चुका है। वहीं ग्वालियर के झांसी रोड थाना क्षेत्र में स्थित चेतकपुरी रोड एक बार फिर सुर्खियों में आ रही है। चेतकपुरी रोड पर एक बडे गडढे में पहले वर्षा का जल भराव होता था , लेकिन पिछले कुड दिनों से उक्त गडढे मे जहां पानी निकास के लिए लाइन डाल दी गई है जिसके बाद से अब पानी का भराव इसी गडढे में हो रहा है , लेकिन मौके पर बहुमंजिला इमारत निर्माण कार्य शुरू होने से अब पानी का भराव और निकास नहीं होने से वर्षा के दिनों में स्थिति बिगड सकती है।
उल्लेखनीय है कि चेतकपुरी रोड पिछले दो वर्ष पूर्व से सुर्खियों में तब आई जब रोड का डामरीकरण करने के बाद सडक धंसकने लगी और कई जगह लंबी सुरंगें भी बन गई। इसके बाद पूरे देश में चेतकपुरी चर्चित हो गई थी। उधर अब उसी गडढे में जहां पानी का भराव होता था जिसमें कभी नहर का पानी उक्त गडढे से होता हुआ महल क्षेत्र से होता हुआ स्वर्ण रेखा में जाता था , लेकिन प्रशासन ने लगभग 12 फुट का पाइप डालकर पानी का निकास चेतकपुरी रोड से होता हुआ लक्ष्मीबाई की समाधि के पास स्वर्ण रेखा में जोड दिया गया है।
अब उक्त गडढे को अपना बताते हुये उसपर बहुमंजिला इमारत की अनुमति लेकर बहुमंजिला इमारत का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। इससे पहले बिल्डर द्वारा गडढे में 12 फुटा पाइप जो नीचे था को पाट कर कांक्रीट की दीवार खडी करना शुरू कर दिया है। लेकिन अगले माह मानसून के आने के बाद पानी का बहाव जो उक्त गडढे से होकर महल परिसर से होता हुआ स्वर्ण रेखा नाले में जाता था पर रोक लगने के बाद से स्थिति गंभीर होना शुरू हो गई है। पिछले दिनों वर्षा का पानी उक्त पाइप लाइन के बाहर भर गया था और आगे भी ऐसे ही भरेगा। क्योंकि नाका चन्द्रवदनी क्षेत्र पर बनी नहर वाली माता की नहर पूरी तरह से अतिक्रमण की चपेट में होने और वहां पक्के निर्माण होने के बाद से पानी नाका से पहले बडे गडढे से अब नाली से होता हुआ 12 फुट के पाइप पर पहुंचेगा। इसमें भी विशेषज्ञ संदेह जता रहे है कि पानी का बहाव तेजी से आने के बाद पानी वहीं भरेगा। इसके बाद स्थिति गंभीर बनेगी।
प्रशासन वैसे तो कई स्थानों पर जल भराव को लेकर गंभीर है लेकिन उसने चेतकपुरी रोड को लेकर कोई पहल नहीं की है। ऐसे में वर्षात के दिनों में चेतकपुरी रोड के हालात पहले से बदतर हो जायेंगे। और बहुमंजिला इमारतों के क्षेत्र से होता हुआ पानी सडकों पर घंटों भरेगा। वहीं यातायात की समस्या भी बनेगी। प्रशासन को चाहिये कि उक्त क्षेत्र का पुनः सर्वे करायें और जल भराव को देखते हुये 12 फुट के पाइप के अलावा भी क्या उपाय किये जा सकते है उन पर भी अभी से कार्य शुरू करें।