गेहूं खरीदी के नाम पर किसानों के साथ हो रहा अन्यायः सेवादल अध्यक्ष गुर्जर
- अन्याय बंद नहीं हुआ तो कांग्रेस पार्टी प्रदेशभर में आंदोलन करेगी
ग्वालियर। मध्यप्रदेश में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के नाम पर किसानों के साथ खुला अन्याय और आर्थिक शोषण किया जा रहा है। प्रदेश के हजारों किसान आज खरीदी केंद्रों की अव्यवस्थाओं, स्लॉट बुकिंग में देरी, भुगतान में कटौती और बैंक कर्ज के दबाव से परेशान और मानसिक रूप से प्रताड़ित हैं। कांग्रेस पार्टी इस किसान विरोधी व्यवस्था की कड़ी निंदा करती है और भाजपा सरकार से तत्काल किसानों को राहत देने की मांग करती है। यह बात किसान नेता एवं सेवादल जिला अध्यक्ष हरेन्द्र गुर्जर ने गुरूवार को कांग्रेस कार्यालय में पत्रकारों से चर्चा करते हुये कही।
सेवादल जिला अध्यक्ष हरेन्द्र गुर्जर ने पत्रकारों को बताया कि किसानों को कई-कई दिनों तक स्लॉट बुकिंग नहीं मिली, जिससे गेहूं खुले आसमान के नीचे पड़ा रहा। कई जगह किसानों को खरीदी केंद्रों के चक्कर काटने पड़े, वहीं दलाल और प्रभावशाली लोगों की फसल पहले तुलाई होती रही। जब किसानों की तुलाई हुई तो उनके खातों में पूरी राशि भेजने के बजाय 40 हजार से लेकर 1 लाख रुपये तक की रकम काट ली गई। चाहे किसान पर कर्ज हो या न हो, बिना स्पष्ट जानकारी और बिना सहमति के यह कटौती किसानों के साथ सीधा धोखा है। आज किसान सबसे बड़ी आर्थिक मार झेल रहा है। किसान ने कर्ज लेकर खाद, बीज, दवाई, डीजल और मजदूरी का खर्च उठाया। प्राकृतिक आपदाओं बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि और पानी गिरने से फसल पहले ही खराब हो चुकी थी। ऊपर से समय पर खाद और बीज उपलब्ध नहीं कराया गया, जिससे किसानों को बाजार से महंगे दामों पर सामग्री खरीदनी पड़ी। इसके बावजूद सरकार किसानों को राहत देने के बजाय उनका भुगतान रोक रही है।
श्री गुर्जर का कहना है कि कांग्रेस पार्टी मांग करती है कि किसानों की गेहूं खरीदी की पूरी मूल राशि बिना किसी कटौती के एकमुश्त तत्काल उनके खातों में डाली जाए। यदि किसी प्रकार की बैंक देनदारी है तो उसकी प्रक्रिया अलग से और किसानों की सहमति से की जाए। यदि किसानों के साथ यह अन्याय बंद नहीं हुआ तो कांग्रेस पार्टी प्रदेशभर में आंदोलन करने को मजबूर होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी। पत्रकार वार्ता में कार्यवाहक अध्यक्ष तरूण यादव, आशिक उस्मानी, राकेश बाथम, मेहरवान यादव आदि उपस्थित थे।