कृषि विज्ञान केन्द्र ग्वालियर में 45वीं वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक आयोजित
ग्वालियर। कृषि विज्ञान केन्द्र ग्वालियर में बुधवार को 45वीं वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक प्रशिक्षण कक्ष में ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यम से संपन्न हुई। इसमें कृषि विभाग, कृषि अभियांत्रिकी, कृभको, इफको, एम.पी. एग्रो, आत्मा, स्वयं सहायता समूहों के प्रतिनिधियों एवं प्रगतिशील किसानों सहित 28 प्रतिभागियों ने भाग लिया। साथ ही मुरैना, दतिया, शिवपुरी और लहार के कृषि विज्ञान केन्द्रों के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं वैज्ञानिक भी ऑनलाइन माध्यम से जुड़े।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं केन्द्र प्रमुख डॉ. शैलेन्द्र सिंह कुशवाह ने अतिथियों का स्वागत किया। बैठक की अध्यक्षता डॉ. वाय.पी. सिंह, निदेशक विस्तार सेवाएं एवं सह अधिष्ठाता, कृषि महाविद्यालय ग्वालियर ने की। मुख्य अतिथि के प्रतिनिधि के रूप में अटारी जोन-9 जबलपुर से डॉ. रजनीश श्रीवास्तव ऑनलाइन माध्यम से शामिल हुए। किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग की ओर से सहायक संचालक भानु प्रताप शर्मा उपस्थित रहे। बैठक में कृषि विज्ञान केन्द्र की वैज्ञानिक डॉ. अमिता शर्मा ने रबी 2025-26 में आयोजित गतिविधियों और खरीफ 2026 की प्रस्तावित कार्ययोजना का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। इसके बाद विभिन्न विभागों के अधिकारियों, एफपीओ, स्वयं सहायता समूहों और किसानों से सुझाव आमंत्रित किए गए।
अध्यक्षता कर रहे डॉ. वाय.पी. सिंह ने धान की सीधी बोनी और लेजर लेवलिंग पर प्रक्षेत्र परीक्षण आयोजित करने का सुझाव दिया। वहीं डॉ. रजनीश श्रीवास्तव ने एकीकृत कीट प्रबंधन से संबंधित परीक्षणों में कीटों के नाम शामिल करने तथा सब्जी फसलों में भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान की उन्नत प्रजातियों को बढ़ावा देने की बात कही। कृभको ग्वालियर के प्रतिनिधि श्री अभिषेक मोदी ने प्रक्षेत्र परीक्षणों में माइकोराजा एवं जैव उर्वरकों पर अध्ययन शामिल करने का सुझाव दिया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. रश्मि बाजपेयी ने किया। अंत में डॉ. राजीव सिंह चौहान ने आभार व्यक्त किया।