नीट घोटाले ने केन्द्र सरकार की परीक्षा प्रणाली की पूरी विफलता को उजागर किया

*नीट और एनटीए को समाप्त किए जाने, सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में जांच, दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग* 
*कौशल शर्मा एडवोकेट-----भाकपा*

ग्वालियर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी मध्य प्रदेश राज्य कार्यकारिणी सदस्य कॉम कौशल शर्मा एडवोकेट ने विज्ञप्ति जारी कर बताया कि नीट-यूजी 2026 परीक्षा का पेपर लीक और बड़े पैमाने पर हुई अनियमितताओं के कारण रद्द किए जाने का भा क पा कड़ी निंदा करती है। लाखों छात्र-छात्राएं, जिन्होंने अत्यंत कठिन परिस्थितियों और उम्मीदों के साथ तैयारी की थी, एक बार फिर एनटीए और केन्द्र सरकार की पूर्ण विफलता की सजा भुगतने को मजबूर हुए हैं।

यह कोई दुर्घटना नहीं, बल्कि एक लगातार दोहराया जा रहा पैटर्न है। बार-बार होने वाले पेपर लीक, परीक्षा घोटाले और परीक्षाओं के रद्द होने की घटनाओं ने इस शासन के तहत परीक्षा प्रणाली के पूरी तरह ध्वस्त हो जाने को उजागर कर दिया है।

केन्द्र की  सरकार ने लगातार छात्रों की आकांक्षाओं को कुचला है और ऐसी गहरी भेदभावपूर्ण व्यवस्था को बढ़ावा दिया है, जो गरीब, ग्रामीण और वंचित छात्रों की कीमत पर कोचिंग संस्थानों और विशेषाधिकार प्राप्त वर्गों को लाभ पहुंचाती है।
भाकपा दोहराती है कि नीट स्वयं एक अन्यायपूर्ण और भेदभावपूर्ण व्यवस्था है। ताजा घटनाक्रम ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि यह केंद्रीकृत परीक्षा प्रणाली न तो निष्पक्षता सुनिश्चित कर सकती है और न ही विश्वसनीयता।

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी मांग करती है कि नीट और एनटीए को समाप्त किया जाना चाहिए तथा परीक्षा प्रणाली को लोकतांत्रिक और पारदर्शी तरीके से विकेंद्रीकृत किया जाना चाहिए।
ताजा घोटाले की जांच सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में कराई जानी चाहिए और सरकार के उच्चतम स्तरों पर जवाबदेही तय की जानी चाहिए। छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले सभी दोषियों की पहचान कर उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए।

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