अब ड्रोन से अश्रु गैस फोड़ने की तकनीक, मित्र देशों में भी डिमांड
- सीसुब टियर स्मोक यूनिट के महाप्रबंधक ने दी जानकारी
(विनय अग्रवाल)
ग्वालियर। देश की एकमात्र टियर स्मोक यूनिट (अश्रु गैस) इकाई सीमा सुरक्षा बल टेकनपुर ने अब उपद्रवी लोगों से निपटने के लिये अश्रु गैस में अपने अनुसंधान से नई तकनीक विकसित की है। इस तकनीक में ड्रोन बेहतर मददगार साबित हुआ हैं। यह जानकारी सीमा सुरक्षा बल अकादमी की टियर स्मोक यूनिट के महाप्रबंधक सी.एस. तोमर ने सांध्यदेश डाट काम से चर्चा के दौरान दी।
स्मोक टियर यूनिट के 50 वर्ष पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान सांध्यदेश डाट काम से चर्चा में श्री तोमर ने बताया कि टियर स्मोक यूनिट पूरे देश में एकमात्र इकाई है जो टेकनपुर में स्थित है। इस यूनिट ने अभी हाल ही में ड्रोन के सहयोग से अश्रु गैस फोड़ने की नई तकनीक ईजाद की है। अब हम इससे तीन किलोमीटर दूर से भी उपद्रवी लोगों से स्क्रीन के सहारे सटीक निशाने पर अश्रुगैस फोड़ कर इनको तितर बितर कर सकते है और दूर रहकर बिना जोखिम के उन पर काबू भी पा सकते है। तोमर ने बताया कि 6 किलो वजन का ड्रोन 4 किलो की दर्जनों अश्रुगैस अपने साथ ले जाकर उपद्रवियों के स्थान पर फोड़ सकता है, जिससे उपद्रवी उपद्रव स्थल पर एक मिनट से भी कम समय में तितर बितर हो सकते है और सुरक्षा या पुलिस बल उस पर काबू कर सकते हैं।
तोमर ने बताया कि इसके साथ ही हमने ड्रोन के साथ ही अश्रुगैस व तेज आग की चमक वाले शैल भी डव्लप किये है। इसको भी ड्रोन के सहारे तीन किलोमीटर रेंज तक उपद्रवियों के एकत्र स्थल पर फायर किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि इसकी तेज आवाज, आग व अश्रु गैस से कितने भी उत्पाती एकत्र हो, उन्हें हर हाल में भागने पर मजबूर होना पड़ेगा। तोमर ने बताया कि हमने उत्पाती लोगों के लिये ऐसा रंगीन पानी भी तैयार किया है जिसको फेंककर हम 24 घंटे में उत्पाती की पहचान कर लेंगे। यह रंगीन पानी प्रेशर से उत्पातियों पर फेंका जाता है, जिसका रंग 24 घंटे से भी ज्यादा उत्पाती के शरीर व कपड़ों पर बना रहता है। तोमर ने बताया कि टियर स्मोक यूनिटके 47 उत्पाद आज हमारे सभी सैनिक, अर्द्धसैनिक बल, पुलिस उपद्रवीतत्वों से निपटने के लिये उपयोग कर रही है। इसके साथ ही मित्र देश भी इनको जरूरत के लिये ले रहे है। टियर स्मोक यूनिट में हम लगातार समय के साथ अनुसंधान कर नये उत्पाद तैयार कर रहे है, जो समय की आवश्यकता है।