कोर्ट के आदेश में लापरवाही पड़ी भारी, ग्वालियर के डीईओ चतुर्वेदी निलंबित
ग्वालियर। न्यायालयीन प्रकरण में गंभीर लापरवाही और शासकीय कार्य के प्रति उदासीनता बरतना प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी को भारी पड़ गया। लोक शिक्षण संचालनालय ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्वालियर के प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी हरिओम चतुर्वेदी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। आयुक्त लोक शिक्षण अभिषेक सिंह ने सोमवार को निलंबन आदेश जारी किए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार न्यायालयीन प्रकरण क्रमांक डब्ल्यू.पी. 1424-2007 श्री अनंत पुंढीर बनाम म.प्र. शासन में 05 जुलाई 2023 को निर्णय पारित हुआ था। इसके बाद प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी हरिओम चतुर्वेदी द्वारा 2 वर्ष उपरांत रिट अपील दायर करने का प्रस्ताव विभाग को भेजा गया। संचालनालय ने 16 फरवरी 2026 को पत्र जारी कर रिट अपील दायर करने की अनुमति दी थी। लेकिन निर्देशों के अनुसार रिव्यू याचिका दायर करने के बजाय हरिओम चतुर्वेदी ने शासकीय अधिवक्ता से अभिमत लेकर विभाग को भेज दिया। इससे अवमानना प्रकरण 2678-2024 उदभूत हो गया। जिसके चलते प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी पर गाज गिरी है।
आयुक्त लोक शिक्षण के आदेश में स्पष्ट उल्लेख है कि श्री चतुर्वेदी द्वारा सक्षम निर्देश प्राप्त होने के उपरांत भी अपेक्षित कार्यवाही नहीं की गई। इसे गंभीर लापरवाही और शासकीय कार्य के प्रति उदासीनता’ मानते हुए म.प्र. सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 3 (1), (2), (3) का उल्लंघन बताया गया है। इसे ’गंभीर कदाचरण’ की श्रेणी में माना गया। म.प्र. सिविल सेवा नियम-1966 के नियम-9(1) के तहत हरिओम चतुर्वेदी को निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय कार्यालय डाइट ग्वालियर नियत किया गया है। गौरतलब है कि श्री चतुर्वेदी का मूल पद सहायक संचालक है और वे वर्तमान में प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी ग्वालियर का दायित्व संभाल रहे थे।