मेला व्यापारियों की हर समस्या को सुलझाने होंगे त्वरित प्रयास: अध्यक्ष अशोक जादौन
*मेला व्यापारी संघ ने ज्ञापन सौंपकर रखी मांगें -- आरटीओ टैक्स में छूट की प्रक्रिया अभी से आरंभ करें, ऑनलाइन आवेदन की तिथि बढ़े, मेला का आयोजन 20 दिसम्बर से ही शुरू करें, अवैध कब्जे हटाकर सेक्टरों में की जाए साफ सफाई*
ग्वालियर, । श्रीमंत माधवराव सिंधिया ग्वालियर व्यापार मेला व्यापारी संघ के पदाधिकारियों एवं मेला व्यापारियों का प्रतिनिधिमंडल आज बुधवार को मेला प्राधिकरण के अध्यक्ष अशोक जादौन से मेला व्यापारी संघ के अध्यक्ष महेन्द्र भदकारिया के नेतृत्व में मेला प्राधिकरण मुख्यालय में मिला। मेला व्यापारियों ने इस अवसर पर मेला प्राधिकरण अध्यक्ष को ज्ञापन पत्र भेंटकर ग्वालियर मेला में आरटीओ टैक्स में छूट की प्रक्रिया अभी से आरंभ करने, ऑनलाइन आवेदन की तिथि बढ़ाकर 30 नवंबर किए जाने, मेला का आयोजन 20 दिसम्बर से ही शुरू करने एवं अवैध कब्जे हटाकर सभी सेक्टरों में साफ सफाई करने का आग्रह किया।
मेला प्राधिकरण अध्यक्ष अशोक जादौन ने व्यापारियों के प्रतिनिधि मंडल की बात को ध्यानपूर्वक सुना एवं इन सभी मांगों को नियमानुसार स्वीकार कर तत्काल ही कार्यवाही प्रारंभ करने के प्रति आश्वस्त किया।
इस अवसर पर मेला व्यापारी संघ के अध्यक्ष महेन्द्र भदकारिया ने कहा कि ग्वालियर व्यापार मेला व्यापारी संघ ने मेला की व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने एवं नियमों के पालन में सदैव सहयोगात्मक तथा सकारात्मक रवैया अपनाया है। चूंकि अब वर्ष 2026-27 के मेला की तैयारी शुरू हो चुकी हैं, मेला का आयोजन नए नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में सुचारू, सफल एवं निर्विघ्न हो सके, इस हेतु पूर्व में लिए गए निर्णयों के पालन में मेला प्रशासन की ओर से सकारात्मक एवं सहयोगात्मक रुख अपनाया जाना आवश्यक है।
*मेला 20 दिसम्बर से 20 फ़रवरी तक ही लगे* : मेला व्यापारी संघ ने कहा कि ग्वालियर मेला के कैलेंडर में मेला आयोजन की तारीख 20 दिसंबर से 20 फरवरी पहले से निर्धारित है, इसे बदला न जाए। विगत दिनों मेला प्राधिकरण के सचिव ने 15 दिसंबर से 15 फरवरी तक मेला लगाने की बात कही है। व्यापारी संघ इससे असहमत है, क्योंकि इन तारीखों में व्यापारी देश के अन्य हिस्सों में लगने वाले मेलों में व्यस्त रहते हैं। ग्वालियर मेला का आयोजन पूर्वानुसार 20 दिसंबर से 20 फरवरी तक ही किया जाए और इसका विधिवत शुभारंभ 25 दिसम्बर को पूर्व प्रधानमंत्री स्व. भारतरत्न अटलजी के जन्मदिन 25 दिसम्बर को किया जाए।
*आरटीओ टैक्स में छूट के लिए अभी से प्रक्रिया प्रारंभ हो :* व्यापारी प्रतिनिधिमंडल ने यह भी आग्रह किया कि ग्वालियर व्यापार मेला में वाहनों की खरीद पर आरटीओ टैक्स में छूट दिए जाने की प्रक्रिया अभी से प्रारंभ कर दी जाए, ताकि मेला प्रारंभ होने के पूर्व ही राज्य सरकार की ओर से इस संबंध में गजट नोटिफिकेशन जारी किए जा सके। विगत कई वर्ष से आरटीओ टैक्स में छूट की अधिसूचना जारी होने में विलम्ब से ऑटोमोबाइल व्यापारियों को नुक्सान उठाना पड़ता है। इसलिए तत्परता आवश्यक है।
*किराए एवं बिजली का अतिरिक्त प्रभार न लिया जाए:*
मेला व्यापारी संघ की ओर से यह भी अनुरोध किया गया कि दुकानदारों से किराए एवं बिजली के नाम पर अतिरिक्त प्रभार की वसूली न की जाए। व्यापार हित में इन प्रभारों को शून्य कर दिया जाए। मेला परिसर में पंद्रह दिवसीय स्वदेशी मेला का आयोजन स्वदेशी के प्रति जनता को जागृत करने के लिए स्वागतयोग्य है। स्वदेशी मेला को सफल बनाने मेला व्यापारी संघ ने हरसंभव सहयोग किया है लेकिन मेला व्यापारी संघ की यह भी विनम्र अपील है कि स्वदेशी मेला में दुकानदारों को यदि निःशुल्क दुकानें एवं अन्य सुविधाएं दी गई हैं तो आगामी 20 दिसंबर से लगाए जाने वाले वार्षिक मेले के दुकानदारों को भी निशुल्क सुविधाएं दी जाएं, यदि यह संभव न हो तो हमें दुकानों के किराए में कुछ रियायत ही बख्श दी जाए क्योंकि वार्षिक मेला में भी सभी छोटे, मझोले और बड़े दुकानदार अपने स्वदेशी उत्पादों के का ही प्रचार प्रसार करते आए हैं।
*अवैध कब्जे हटाकर साफ सफाई की जाए:* व्यापारी संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि ग्वालियर मेला की ख्याति अंतरराष्ट्रीय स्तर के मेला की है। कै. श्रीमंत माधवराव सिंधिया ने इस सौ साल पुराने मेला को स्थानीय स्तर से ऊपर उठाकर ट्रेड फेयर का दर्जा दिलाया। विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर भी मेला की उन्नति के लिए प्रयत्नशील हैं। मेला की इस विश्वस्तरीय साख को बनाए रखने के लिए यह अत्यावश्यक है कि मेला परिसर से अवैध कब्जे हटाए जाएं, मेला की बेशकीमती जमीन को खुर्दबुर्द होने से रोकने कठोर कदम उठाए जाएं। मेला प्रारंभ होने के पूर्व ही सभी सेक्टरों में अभियान चलाकर साफ सफाई का कार्य पूर्ण कर लिया जाए।
*ऑनलाइन किराया जमा करने की अंतिम तिथि 30 नवंबर की जाए:* यह भी मांग की गई कि दुकान आवंटन के लिए ऑनलाइन आवेदन एवं किराया जमा करने की अंतिम तिथि बढ़ाकर विगत वर्ष की ही भांति 30 नवंबर की जाए। मेला की दुकानों के आबंटन की प्रक्रिया ऑनलाइन किए जाने पर मेला व्यापारी संघ को दिक्कत नहीं है लेकिन यह प्रक्रिया सरल, आसान, सुविधापूर्ण एवं व्यवधानरहित होना चाहिए, ऐसा न हो कि कई घंटों तक सर्वर डाउन होने के कारण प्रक्रिया बाधित रहे। दुकान आबंटन में मूल व्यापारी के साथ अन्याय न हो।
*ठेलों एवं फड़ वालों को हॉकर्स जोन में भेजने कार्ययोजना बने:* व्यापारियों ने कहा कि प्रति वर्ष यह देखने में आता है कि विशेषकर झूला एवं मनोरंजन सेक्टर में अवांछित व अवैध ठेले एवं फड़ वाले बीच सड़क पर कब्जा जमा लेते हैं। इस कारण झूला एवं मनोरंजन सेक्टर में हर वक्त सड़क जाम की स्थिति बन जाती है। ठेलों एवं फ़ड़वालों द्वारा मेला सेक्टरों की सड़कें कब्जा लेने से सैलानी मेला की दुकानों के काउंटरों तक ही नहीं पहुंच पाते हैं, इस कारण हजारों रुपए किराया और दीगर शुल्क देने वाले मेला व्यापारियों को घाटा उठाना पड़ता है। सड़क पर ठेलों एवं फड़ की बेतरतीब उपस्थिति के कारण आपदा की स्थिति में फायर बिग्रेड एवं एंबुलेंस की तत्काल पहुंच में बाधा उत्पन्न होने का भी खतरा है, इसलिए इन ठेलों एवं फडों को हॉकर्स जोन में भेजने के लिए अभी से कार्ययोजना बना ली जाए।
मेला अध्यक्ष अशोक जादौन ने उपरोक्त ज्ञापन पत्र के सभी बिंदुओं पर मेला व्यापारी संघ के पदाधिकारियों को भरोसा दिलाया कि मेला के आयोजन में सुगम एवं निर्विघ्न माहौल निर्मित करने एवं व्यापारीबंधुओं को राहत प्रदान करने के लिए मेला प्राधिकरण प्रतिबद्ध है।
मेला व्यापारी संघ के इस प्रतिनिधिमंडल में महेन्द्र भदकारिया अध्यक्ष, महेश मुदगल सचिव, अनिल पुनियानी संयुक्त अध्यक्ष एवं प्रवक्ता, उमेश उप्पल संयोजक, जगदीश उपाध्याय सह अध्यक्ष, अनुज गुर्जर कार्य. अध्यक्ष शहअध्यक्ष पंकज भदौरिया, हरिकांत समाधिया, पूर्व अध्यक्ष ऑटोमोबाइल डीलर्स एसो. आदि वरिष्ठ व्यापारीगण की भागीदारी रही।
*मेला व्यापारी संघ ने सिंधिया, नरेंद्र सिंह, सीएम और वरिष्ठ अधिकारियों को भी दिए ज्ञापन*
मेला व्यापारी संघ ने उपरोक्त मांगों के संबंध में आज बुधवार को ही श्रीमंत ज्योतिरादित्य सिंधिया केंद्रीय मंत्री, डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री, चैतन्य काश्यप एमएसएमई मंत्री, उदयवीर सिंह उपाध्यक्ष ग्वालियर मेला प्राधिकरण, श्रीमती रुचिका चौहान कलेक्टर ग्वालियर एवं सुनील त्रिपाठी सचिव ग्वालियर मेला प्राधिकरण को भी ज्ञापन पत्र प्रेषित किए हैं।