स्वदेशी मेले में उतरा गांव, जागी भारत की आत्मा

ग्वालियर। मेरे गांव में मेरे राम—काम भी, धाम भी, सम्मान भी’ की भावना के साथ स्वदेशी मेला-दीपोत्सव 2026 में सजा आदर्श स्वदेशी ग्राम आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यह ग्राम भारतीय संस्कृति, गौसेवा, पर्यावरण संरक्षण और स्वावलंबन का अनूठा संगम प्रस्तुत कर रहा है।
मेला संयोजक आरपी माहेश्वरी. कैट के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र जैन. मेला प्राधिकरण के अध्यक्ष अशोक जादौन. युवा आयाम संयोजक स्वदेशी मेला देवेंद्र प्रताप सिंह तोमर रामू. लाल टिपारा आदर्श गौशाला के संत ऋषभ देवानंद महाराज ने पत्रकार वार्ता में बताया कि सीमित संसाधनों और अनुपयोगी सामग्री के पुनः उपयोग से तैयार यह ग्राम ‘स्वदेशी से स्वावलंबन और ग्राम से राष्ट्र निर्माण’ का संदेश दे रहा है। गोबर से लिपे आंगन, बांस-फूस की झोपड़ियां, कुम्हार का चाक, मिट्टी के बर्तन, बैलगाड़ी, खटिया और ग्राम चौपाल आगंतुकों को पारंपरिक ग्रामीण जीवन का अनुभव करा रहे हैं। स्मार्ट गौशाला, गोबर आधारित उत्पाद, बायो-सीएनजी, सौर ऊर्जा और जैविक कृषि के माध्यम से गौ आधारित अर्थव्यवस्था एवं ग्रामीण रोजगार की संभावनाएं प्रस्तुत की गई हैं। बाजरे की रोटी, मक्के का भुट्टा और पारंपरिक व्यंजन खटिया पर बैठकर गांव के सोंधे स्वाद का अनुभव कराते हैं।
सांस्कृतिक कार्यक्रम, हस्तशिल्प, हैंडलूम, देसी वाहन और स्वदेशी झूले मेले की रौनक बढ़ा रहे हैं। मेले में रुचि कैटरिंग का ओपन एयर रेस्टोरेंट भी लोगों के आकर्षण का केंद्र है। यहां 200 रुपए में 17 तरह के व्यंजन असीमित मात्रा में उपलब्ध कराए जा रहे हैं। स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने के कारण यहां एलीट वर्ग के लोग भी जन्मदिन और पार्टियों का आयोजन कर रहे हैं।
 
स्वदेशी ग्राम के नौ आयाम:-
1. स्मार्ट गौशाला एवं गौसंरक्षण।
2. सौर ऊर्जा एवं बायो-सीएनजी।
3. गोबर आधारित उत्पाद।
4. ग्रामीण पर्यटन एवं पारंपरिक कृषि।
5. ग्राम चौपाल एवं पंचायत व्यवस्था।
6. खटिया पर देसी भोजन।
7. मंदिर एवं आध्यात्मिक केंद्र।
8. औषधीय पौधों की सघन वाटिका।
9. झोपड़ी में ग्रामीण जीवन का अनुभव।
 
मेला में ग्वालियर में निर्मित स्वदेशी झूले लगे
मेले के मस्ती जोन में लगे झूले और राइड्स की खासियत यह है कि पहले इस तरह के झूले चीन और यूरोपीय देशों से आयात किए जाते थे। अब इनका निर्माण ग्वालियर के गौसपुरा इंडस्ट्रीज में स्वदेशी तकनीक से किया जा रहा है। यहां निर्मित झूलों और राइड्स की आपूर्ति देशभर में करने के साथ इनके निर्यात की भी योजना है। इससे स्वदेशी तकनीक को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और औद्योगिक विकास की संभावनाएं बढ़ेंगी।
 
मेले में निशुल्क स्वास्थ्य सुविधाएं, एंबुलेंस भी उपलब्ध
स्वदेशी मेला-दीपोत्सव में बिरला हॉस्पिटल और रतन ज्योति नेत्रालय की ओर से निशुल्क स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। दोनों संस्थानों ने मेले में अपनी एंबुलेंस भी निशुल्क उपलब्ध कराई हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर लोगों को तत्काल सहायता मिल सके।
 
पूरे मेले का कराया गया बीमा
स्वदेशी मेला-दीपोत्सव में सुरक्षा व्यवस्था के तहत पूरे मेले का बीमा कराया गया है। इससे मेले के आयोजन के दौरान संभावित जोखिमों से सुरक्षा रहेगी।
 
गांव से राष्ट्र निर्माण का संकल्प
आदर्श स्वदेशी ग्राम का उद्देश्य परंपरागत ज्ञान को आधुनिक तकनीक से जोड़कर स्थानीय रोजगार, पर्यावरण संरक्षण और ग्राम स्वावलंबन को बढ़ावा देना है। गांव बचेगा, संस्कृति बचेगी; गौसेवा बढ़ेगी, समृद्धि बढ़ेगी; स्वदेशी अपनाएंगे, आत्मनिर्भर भारत बनाएंगे।
 
200  रुपए में 17 तरह के व्यंजन, ओपन एयर रेस्टोरेंट बना आकर्षण
स्वदेशी मेला-दीपोत्सव में रुचि कैटरर्स की ओर से तैयार ओपन एयर रेस्टोरेंट लोगों को आकर्षित कर रहा है। यहां महज 200 रुपए में 17 तरह के व्यंजन असीमित मात्रा में उपलब्ध कराए जा रहे हैं। रेस्टोरेंट की खासियत यह है कि यहां स्वाद के साथ स्वच्छता का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है। खुले वातावरण में भोजन की व्यवस्था होने के कारण लोग इसे पसंद कर रहे हैं। खास बात यह है कि एलीट वर्ग के लोग भी यहां पहुंचकर जन्मदिन और पार्टियों का आयोजन कर रहे हैं। इस तरह रेस्टोरेंट मेले में पारंपरिक खानपान के साथ आधुनिक आयोजन का विकल्प भी उपलब्ध करा रहा है।

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