हादसा...और अब जांच की औपचारिकता
ग्वालियर| 16 मौतों वाले शीतला माता मंदिर हादसे को धीरे-धीरे लोग भुलाने लगे हैं। यहां हुई बद्इंतजामी से प्रशासनिक स्तर पर सबक लेने की तात्कालिक कोशिश नहीं की गई । न तो इस स्थान की भौगोलिक स्थिति की जानकारी लेकर श्रद्धालुओं की तकलीफों को सुनने की कोशिश की। न ही मंदिर में व्याप्त अव्यवस्थाओं की जानकारी ली गई। अब महज जांच के बाद एक रिपोर्ट की औपचारिकता का इंतजार है। इसके बाद मामला ठंडे बस्ते में पहुंच जाएगा। हादसे में मृत व घायल हुए श्रद्धालुओं से मिलने पहुंचे पीसीसी चीफ ने पहले ट्रोमा सेंटर में फिर मृतकों के घर जाकर उनकी खैर खबर ले ली। उन्होंने भी समूची घटना के लिए कलेक्टर, एसपी को जिम्मेदार ठहराया दिया है। मंदिर परिसर के मुख्य गेट के बाहर लगने वाली अस्थायी दुकानों को हटाने के लिए मंदिर समिति ने रोक लगा दी है। वहीं यहां मौजूद पुरानी धर्मशाला को हटाने के लिए मंदिर के महंत ने प्रशासन को लिखा है। मंदिर के मुख्य मार्ग पर नवरात्र के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने के लिए फ्लाई ओवर बनाने की मांग भी तेजी से उठने लगी है।