प्रसिद्ध मजदूर नेता कॉमरेड होमी दाजी की जन्म शताब्दी समापन पर इंदौर में मजदूर आंदोलन की विरासत को किया याद
*आज के दौर में फिर जरूरत है होमी दाजी जैसे संघर्षशील नेतृत्व की*
*कॉमरेड कौशल शर्मा एडवोकेट*
*राज्य कार्यकारिणी सदस्य भा क पा*
इंदौर- देश में इंदौर के मजदूर आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर आवाज देने वाले जुझारू ट्रेड यूनियन नेता एवं जननेता इंदौर के पूर्व सांसद एवं विधायक कॉमरेड होमी दाजी की जन्म शताब्दी के अवसर पर 13 सितंबर 2026 को इंदौर में विशेष आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न ट्रेड यूनियन, मजदूर संगठनों और सामाजिक-राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े नेताओं ने हिस्सा लिया तथा कॉम होमी दाजी के जीवन, संघर्ष और मजदूरों के अधिकारों के लिए उनके योगदान को याद किया।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी मध्य प्रदेश राज्य कार्यकारिणी सदस्य कौशल शर्मा एडवोकेट ने जानकारी देते हुए बताया कि कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि होमी दाजी का पूरा जीवन मजदूरों, श्रमिकों और आम जनता के अधिकारों के संघर्ष को समर्पित रहा। उन्होंने इंदौर के औद्योगिक क्षेत्र में मजदूरों की समस्याओं को मजबूती से उठाने के साथ ही उनके संघर्ष को व्यापक राजनीतिक और सामाजिक आंदोलन से जोड़ा। उनके संघर्ष की गूंज इंदौर से निकलकर देश के विभिन्न हिस्सों तक पहुंची।
वक्ताओं ने अपने संबोधन और स्मृतियों के माध्यम से होमी दाजी के व्यक्तित्व और उनके संघर्षों को याद किया। उन्होंने कहा कि आज देश और समाज के सामने जिस तरह की चुनौतियां खड़ी हैं, ऐसे समय में होमी दाजी की संघर्षशील परंपरा को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। मजदूरों के अधिकार, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए फिर से उसी जुझारूपन के साथ मैदान में उतरने की जरूरत है।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी म प्र के राज्य सचिव कॉमरेड शैलेंद्र शैली, राज्य कार्यकारिणी सदस्य कॉमरेड कौशल शर्मा एडवोकेट, इंटक के श्यामसुंदर यादव, एटक के प्रदेश महासचिव कॉम एस एस मौर्य, कॉम विनीत तिवारी,राजेश शर्मा, रामस्वरूप मंत्री, सोहनलाल शिंदे,सत्येन वर्मा, मोहन कृष्ण शुक्ल, विजय दलाल, कैलाश लिम्बोदिया, अतुल लागू, मनोहर लिंबोडिया, सहित विभिन्न ट्रेड यूनियन और सामाजिक संगठनों से जुड़े नेताओं ने संबोधित किया कार्यक्रम मे कैलाश सिंह राजपूत, रामबाबू अग्रवाल, भागीरथ कछवाय, चुन्नीलाल वाधवानी, फादर पायस, कुमार सिद्धार्थ , सुरेश उपाध्याय, क्रृष्णा बर्वे, अरुण चौहान, सत्यनारायण वर्मा, अशोक दुबे, प्रकाश पाठक, सफी शेख, अमूल्य निधि सहित बड़ी संख्या में राजनीतिक सामाजिक कार्यकर्ता शामिल रहे। भोपाल, ग्वालियर , देवास, पीथमपुर, नागदा सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए ट्रेड यूनियन नेताओं ने भी होमी दाजी के साथ जुड़े अपने संस्मरण और अनुभव साझा किए।
वक्ताओं ने कहा कि होमी दाजी केवल एक ट्रेड यूनियन नेता नहीं थे, बल्कि वे मजदूरों और आम आदमी के संघर्ष की मजबूत आवाज थे। उनके जीवन से यह प्रेरणा मिलती है कि संगठित संघर्ष और जनभागीदारी के माध्यम से मजदूर, मेहनतकश वर्ग अपने अधिकारों के लिए मजबूती से आवाज उठा सकता है।
*होमी दाजी के जीवन पर बनी डॉक्यूमेंट्री प्रदर्शित*
कार्यक्रम के दौरान कामरेड होमी दाजी के जीवन और संघर्ष पर आधारित डॉक्यूमेंट्री फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। डॉक्यूमेंट्री के माध्यम से उनके राजनीतिक और सामाजिक जीवन, मजदूर आंदोलन में उनकी भूमिका तथा संघर्षों की झलक प्रस्तुत की गई। उपस्थित लोगों ने इसे गंभीरता और रुचि के साथ देखा।
*क्रांति गीतों की संगीतमय प्रस्तुति*
कार्यक्रम में शर्मिष्ठा और उनकी टीम ने क्रांति गीतों की प्रभावी संगीतमय प्रस्तुति दी। गीतों के माध्यम से मजदूर एकता, संघर्ष और सामाजिक परिवर्तन का संदेश दिया गया। प्रस्तुति ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों में उत्साह और ऊर्जा का संचार किया।
कार्यक्रम का सफल संचालन कॉमरेड अरविंद पोरवाल ने किया, कॉमरेड रुद्रपाल यादव ने उपस्थित अतिथियों, ट्रेड यूनियन नेताओं और आयोजन में सहयोग करने वाले सभी साथियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम का समापन होमी दाजी की संघर्षशील परंपरा को आगे बढ़ाने और मजदूरों तथा आम जनता के अधिकारों के लिए एकजुट होकर संघर्ष करने के संकल्प के साथ हुआ। वक्ताओं ने कहा कि आज के दौर में फिर से समाज को ऐसे ही जुझारू नेतृत्व और संघर्षशील कार्यकर्ताओं की जरूरत है—ऐसे समय में हम सभी को फिर से होमी दाजी बनने की जरूरत है।