ग्वालियर में गणेश चतुर्थी पर रही धूम, गाजे बाजे के साथ बिराजे श्रीजी
- गणेश मंदिरों में दिनभर लगा रहा दर्शनों के लिये श्रद्धालुओं का तांता
ग्वालियर। ग्वालियर में गणेश उत्सव के दौरान बप्पा (श्रीजी) का आगमन धूमधाम से हुआ। शहर के विभिन्न पंडालों और घरों में गाजे-बाजे, ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक आतिशबाजी के साथ भगवान गणेश की प्रतिमाएं स्थापित की गईं। श्रद्धालुओं ने गणपति बप्पा मोरया के जयकारों के साथ श्रीजी का स्वागत किया। इस दौरान ग्वालियर के प्रमुख बाजारों और चैराहों पर भारी उत्साह और रौनक देखने को मिली।
ग्वालियर में गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर श्रीजी (भगवान गणेश) की स्थापना बड़े ही हर्षोल्लास और गाजे-बाजे के साथ की गई है। शहर के कोने-कोने में गणपति बप्पा मोरयाष् के जयकारों से माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया है। गणेश चतुर्थी के दिन सुबह से ही ग्वालियर के बाजारों में मूर्तियों की खरीददारी के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। युवा, बच्चे और बुजुर्ग सभी टोलियों में नाचते-गाते, ढोल-नगाड़े और ताशे बजाते हुए बप्पा की आकर्षक प्रतिमाओं को अपने घरों और पंडालों तक ले गए। गणेश चतुर्थी पर शहर के प्रसिद्ध मंदिरों और पंडालों में विशेष रौनक देखने को मिली। गणेश चतुर्थी पर शिंदे की छावनी पर स्थित लगभग 300 साल पुराने प्रसिद्ध अर्जी वाले गणेश मंदिर में देर रात तक भक्तों का तांता लगा रहा। मान्यता है कि यहाँ अर्जी लगाने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। त्योहार के कारण यहाँ विशेष साज-सज्जा की गई। वहीं खासगी बाजार स्थित मोटे गणेश जी का मंदिर भी लगभग 300 से 500 साल पुराना है। इन्हें व्यापारियों के गणेश भी कहा जाता है, जहाँ लोग नया काम शुरू करने से पहले आशीर्वाद लेने आते हैं। यहाँ बप्पा को पारंपरिक मराठा पगड़ी पहनाई जाती है। गणेश चतुर्थी पर यहां सुबह से ही दर्शनों के लिये भारी भीड़ उमड़ी।
शहर के विभिन्न प्रमुख चैराहों और पंडालों (जैसे हजीरा और खलासीपुरा) में भगवान गणेश की विशाल और आकर्षक झांकियां सजाई गई हैं, जो इस बार शहरवासियों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। इस वर्ष ग्वालियर में पर्यावरण सुरक्षा को लेकर जागरूकता देखी जा रही है। जिला प्रशासन और सामाजिक संस्थाओं ने अपील की थी कि लोग मिट्टी के इको-फ्रेंडली गणेश जी की ही स्थापना करें। शहर के बड़े पंडालों और मुख्य रास्तों पर भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए ग्वालियर पुलिस और प्रशासन द्वारा पुख्ता इंतजाम किए गए थे। प्रमुख चैराहों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी गई और सुचारू यातायात के लिए ट्रैफिक रूट में भी आंशिक बदलाव किए गए।
मोदक, लडडू, फल और फूल पत्ती की हुई जमकर खरीददारी
ग्वालियर में गणेश चतुर्थी के चलते बाजारों में मोदक, लड्डू, फल और फूल-पत्तियों की जमकर खरीदारी देखने को मिली। त्योहारों के दौरान बाजारों में खूब रौनक रही। भगवान गणेश के स्वागत के लिए लोगों ने तरह-तरह के मोदक और बूंदी के लड्डू खरीदे। हलवाइयों की दुकानों पर सुबह से ही भारी भीड़ देखी गई। बप्पा के दरबार को सजाने के लिए गेंदा, गुलाब के फूल, कमल के फूल और आम के पत्तों (फूल-पत्ती) की जमकर बिक्री हुई। वहीं पूजा में चढ़ावे के लिए केला, सेब, और मौसमी फलों की मांग बढ़ने से फलों के बाजार में भी काफी चहल-पहल रही। गणेश चतुर्थी पर ग्वालियर के महाराज बाड़ा, मुरार और हजीरा जैसे मुख्य बाजारों में पैर रखने की भी जगह नहीं थी।