- पहले चंबल पिछड़ा माना जाता था अब औद्योगिक निवेश बढ़ रहा हैः विधानसभा अध्यक्ष तोमर
- गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स की मालनपुर में चौथी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का मुख्यमंत्री ने किया उदघाटन
ग्वालियर। मध्यप्रदेश में गोदरेज का सफर उद्योग के साथ इस राज्य की मजबूत और स्थायी साझेदारी का प्रमाण है। गोदरेज ने 1991 में मालनपुर में अपनी पहली इकाई की स्थापना से लेकर आज अपने विस्तारित मैन्युफैक्चरिंग हब के उदघाटन तक कंपनी ने लगातार मध्य प्रदेश में रोजगार निर्माण, औद्योगिक विकास और आर्थिक वृद्धि में अपना योगदान दिया है। हमारे लिए यह गर्व की बात है कि अब मालनपुर में एशिया की सबसे बड़ी इंटीग्रेटेड सोप मैन्युफैक्चरिंग सुविधा है। यह एक तरफ गोदरेज की इनोवेशन की विरासत, तो दूसरी तरफ निवेश एवं मैन्युफैक्चरिंग के लिए पसंदीदा स्थान के रूप में मध्य प्रदेश के विकास को प्रदर्शित करती है। यह बात मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने बुधवार को गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड (जीसीपीएल) की मालनपुर में चौथी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का उदघाटन करते हुये कहीं। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि प्रदेश में लगातार निवेश आ रहा है। पहले चंबल को देश का पिछड़ा क्षेत्र माना जाता था। अब यहां धीरे-धीरे औद्योगिक निवेश बढ़ रहा है। भिंड जिले में हाइड्रोजन तैयार करने के लिए प्लांट का शिलान्यास भी हो चुका है। इस अवसर पर जीसीपीएल की एग्जिक्यूटिव चेयरपर्सन निसाबा गोदरेज भी मौजूद थीं।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह बहुत उत्साहवर्धक है कि इस प्लांट में समावेशी विकास पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। प्लांट के कर्मचारियों में महिलाओं की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण होती जा रही है। हम न केवल औद्योगिक प्रगति में, बल्कि एम्बेड प्रोग्राम जैसे कार्यक्रमों द्वारा जनस्वास्थ्य को बेहतर बनाने में भी गोदरेज ने योगदान दिया है। हम एक समृद्ध, आत्मनिर्भर और विकसित मध्य प्रदेश की दिशा में इस साझेदारी को और अधिक मजबूत बनाने के लिए आशान्वित हैं। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि मालनपुर औद्योगिक क्षेत्र से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मेक इन इंडिया का संकल्प पूरा हो रहा है। यह क्षेत्र देश की अर्थव्यवस्था का मजबूत केंद्र बन रहा है। मुरैना शहर में सरसो की पिराई की ईकाई बड़ी संख्या में है। ग्वालियर-चंबल संभाग में नए-नए औद्योगिक पार्क विकसित किए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। भूमिपूजन से पहले ही यहां निवेश आने लगा है। कार्यक्रम में एग्जिक्यूटिव चेयरपर्सन गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड (जीसीपीएल) निसाबा गोदरेज ने कहा कि इस विस्तार के बाद अब गोदरेज एशिया की सबसे बड़ी सोप मैन्युफैक्चरिंग सुविधा मालनपुर में है। यहाँ पर हमारे प्लांट हर मिनट 4000 तक सोप बार बना सकते हैं। यह अत्याधुनिक प्लांट गोदरेज और मध्यप्रदेश के बीच 35 सालों की साझेादारी प्रदर्शित करता है, जो 1991 में मालनपुर में हमारे पहले मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के साथ शुरू हुई थी। हमें उम्मीद है कि यह प्लांट पूरी तरह ऑपरेशनल होने के बाद 3800 करोड़ रुपये के टर्नओवर का निर्माण करेगा।
कार्यक्रम में एमडी एवं सीईओ गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड (जीसीपीएल) आसिफ मालबारी ने कहा कि इस प्लांट का निर्माण अत्याधुनिक ऑटोमेशन और डिजिटाईजेशन के साथ किया गया है। यहाँ पर हाई स्पीड प्रोडक्शन लाईन हमारी मौजूदा लाईंस के मुकाबले लगभग तीन गुना ज्यादा तेजी से ऑपरेट करती हैं, जिससे प्रोडक्शन की एफिशियंसी काफी अपग्रेड हो जाती है। हमने इस विस्तार के लिए लगभग 480 करोड़ रुपये का निवेश किया है। कार्यक्रम में श्रम पंचायत एवं ग्रामीण विकास एवं भिंड के प्रभारी मंत्री प्रहलाद पटेल, मंत्री राकेश शुक्ला, भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष लाल सिंह आर्य, भाजपा नेता सुरेन्द्र शर्मा, गोदरेज के स्थानीय यूनिट हेट अब्दुल समद, पूर्व प्रेसीडेंट राजेश तिवारी, पूर्व वाईस प्रेसीडेंट एचआर अविनाश मिश्रा, सूर्या रोशनी के यूनिट हेड तपन बंदोपाध्याय, वाइस प्रेसीडेंट एचआर मुकुल चतुर्वेदी, संजय सिंह, गोदरेज के अभिषेक प्रियदर्शी, आनंद शर्मा सहित अन्य स्थानीय उद्योगों के प्रमुख लोग उपस्थित थे।
उल्लेखनीय है कि जीसीपीएल सन 1991 से मालनपुर में मौजूद है। जीसीपीएल प्लांट इंडस्ट्रियल एरिया, मालनपुर, जिला भिंड में कुल 65 एकड़ के क्षेत्र में फैला है, जिसमें अब तक कुल 850 करोड़ का निवेश हो चुका है। यह साईट पिछले तीस सालों में जीसीपीएल के मैन्युफैक्चरिंग सिस्टम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है, जो साबुन, हेयर कलर्स, घरेलू कीटनाशकों आदि का निर्माण करती है। इस विस्तार के अंतर्गत इस साईट में 480 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के साथ चौथी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट शुरू की गई है। इस मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का उद्घाटन मध्य प्रदेश की बढ़ती औद्योगिक शक्ति को दर्शाता है। इससे विस्तार, सस्टेनेबिलिटी और आत्मनिर्भरता के सिद्धांतों के साथ भारत की एफएमसीजी लीडरशिप को मजबूत बनाने की जीसीपीएल की प्रतिबद्धता प्रदर्शित होती है।