करोड़ो खर्च करने पर ग्वालियर स्मार्ट नहीं
(रवि कांत दुबे )
ग्वालियर केंद्र सरकार ने मध्य प्रदेश के सात शहरों को सात स्मार्ट सिटी बनाये जाने योजना है! जिसमें जबलपुर,भोपाल इंदौर, उज्जैन, सागर , सतना और,ग्वालियर ! बहुत विचार विमर्श के बाद ग्वालियर शहर को सातवे नंबर पर शामिल किया गया है! इस महत्वकांक्षी परियोजना के अंतर्गत जनता को बुनियादी सुविधाएं बेहतर करना जिसमें चौबीस घंटे पानी व बिजली सप्लाई, साफ सफाई ओर ठोस कचरा प्रबंधन आदि शामिल किया गया है! जिसके अंतर्गत केंद्र एवं राज्य सरकार पांच साल मे प्रत्येक शहर को एक हज़ार करोड़ रुपया देती है! सन 2015 से लागू इस परियोजना का लाभ से अभी तक ग्वालियर शहर स्मार्ट सिटी बनने से बहुत पीछे रह गया!
शहर को चौबीस घंटे सातों दिन पानी और बिजली की सप्लाई के मुख्य उद्देदश से भी पिछड शहर के लिए पानी सप्लाई का एक मात्र तिघरा बांध भी जनसंख्या की दृष्टि से अब शहर को पानी सप्लाई के लिए नाकाफी है! साथ ही रियासत काल मे शहर के आसपास बनाये गए मझोले बाँध रमाउआ, मामा का बाँध, हनुमान बांध, वीरपुर बांध , अजयपुर बाँध भी अब भूमाफिया की कुदृष्टि से अतिक्रमण की चपेट मे है! इन बांधो मे पानी भरा होने से खेतो को पानी तों मिलता ही था साथ मे जमीन का पानी का स्तर काफ़ी ऊँचा रहता था! जिला प्रशासन ने भी कई बार इन बांधो को अतिक्रमनकारियों से मुक्त कराया और इनको जन सहयोग से सफाई भी कराये नतीजा बरसात के दिनों मे जलभराव से पूर्ण हो गए!l इनको पानी नहीं किया जाता बल्कि क्षेत्रीय पार्षदो ने जगह जगह बोरिंग करा दी गए जिससे वार्ड वासियो को पेयजल सप्लाई हो रही है! फिर भी कई क्षेत्रो मे आज भी पानी की सप्लाई टैंकरो के द्वारा की जा रही है! बिजली की सप्लाई भी पहले से ज्यादा सुधार हुआ है लेकिन पूरे शहर के कही ना कही इलाकों मे रोज़ाना तीन घंटे मैंटिंनेंस के नाम पर सप्लाई बंद की जाती है!
शहर के कई क्षेत्रो मे पुरानी सीवर लाइन को बदल कर नई व चौड़ी डाली जा रही है! जिससे बरसात मे सड़को एवं घरों मे जल भराव की स्थिति निर्मित से बचा जा सके!
शहर की लचर यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए स्मार्ट सिटी प्रयास रत है! तेज़ी से बढ़ते वाहन संख्या से शहर की यातायात व्यवस्था भी चरमरा गई है इसको सुगम और सुधारने के लिए कई बार अधिकारी सिर जोड़ कर बैठे भी और व्यस्तम मार्गो पर वाहनों को आवाजाही को परिवर्तन भी किये गए लेकिन नतीजा ढाक के तीन पात! यातायात को कण्ट्रोल के लिए हर चौराहा पर स्मार्ट स्वचलित ट्रैफिक लाइट, एवं वाई फाई जोन का बनाये जाने का लाभ जनता को मिला है! शहर की खुदी हुई सड़के शहर को स्मार्ट बनाने को बाधक बनी हुई है!