प्रभु ने सुदामा जी पर कृपा कर दीन बंधू नाम को सार्थक किया
सिद्ध पीठ श्री गंगा दास जी की बड़ी शाला में झूलन महोत्सव के पावन उपलक्ष में जगतगुरु पूर्ण बैराठी पीठाधीश्वर स्वामी श्री रामसेवक दास जी महाराज के सानिध्य में चल रही श्री मद भागवत कथा में श्री धाम वृन्दावन से पधारे पंडित जानकी वल्लभ शास्त्री जी ने भगवान की नाम महिमा का वर्णन किया जो प्रभु का नाम जपते है उन पर प्रभु की कृपा होती है भगवान का नाम ही जीवन का असली धन है क्यों की लौकिक धन तो खर्च होता रहता है पर भगवान का नाम रूपी धन तो हमेशा बढ़ता रहता है इस लिए भगवान का नाम ही जीवन का सार है कथा में सुदामा चरित्र का वर्णन किया भगवान ने सुदामा जी पर कृपा की प्रभु श्री सुदामा जी का भगवान ने बहुत ही आदर किया और अपने नेत्रों के जल से उनके पैर धोए और आचमन किया प्रभु ने अपने दीन बंधू नाम की सार्थक ता की सुदाम जीभगवान के लिए चावल की भेट लेकर गए और भगवान ने दो मुठी चावल खा कर सुदामा जी को दो लोक की संपत्ति प्रदान की एवं भागवत की महिमा का वर्णन किया भागवत के 10 लक्षण एवं दत्तात्रेय जी के 24 गुरुओ की कथा के बारे में बताया और परीक्षत मोक्ष की कथा का वर्णन किया और अभी श्रोताओ ने व्यास पूजन किया एवं परीक्षत परिवार ने व्यास पूजन कर आरती उतरी इस अवशर पर मदन मोहन कटारे राजू कंकर जी रेवती रमन कटारे कुणाल कटारे आदि भक्त जन उपस्थिर रहे