श्रमदान कर 60 फीट गहरी बावड़ी को दिया नया जीवन
ग्वालियर। स्थानीय युवाओं ने आदित्यपुरम क्षेत्र की प्राचीन धरोहर को सहेजने की मिसाल पेश की है। विशेष सफाई अभियान के दौरान युवाओं ने आदित्यपुरम में स्थित रियासतकालीन (स्टेटकाल) बावड़ी का कायाकल्प कर दिया। वर्षों से कचरे से पटी इस बहुमंजिला बावड़ी की सफाई के बाद अब इसका निर्मल पानी साफ नजर आने लगा है।
पत्थरों से निर्मित लगभग 60 फीट गहरी यह आकर्षक बावड़ी स्थापत्य कला की एक सुंदर रचना है, जिसमें नीचे उतरने के लिए सीढ़ियां और कई मंजिलें बनी हुई हैं। देखरेख के अभाव और लोगों द्वारा कचरा व पूजा सामग्री फेंकने से यह खूबसूरत बावड़ी कचरे के ढेर में तब्दील हो गई थी। बावड़ी की इस दुर्दशा पर वृक्षालय संस्था के संस्थापक प्रशांत पटेरिया ने नगर निगम की आईईसी टीम म्यूज, डिवाइन एवं दीक्षा फाउण्डेषन सहित अन्य युवाओं की मदद से इसकी सफाई का कार्य प्रारंभ किया। घंटों चली कड़ी मेहनत के बाद बावड़ी से लगभग 2 से 3 ट्रॉली कचरा बाहर निकाला गया। सफाई पूरी होने के बाद बावड़ी की तलहटी में जमा गंदगी हट चुकी है और इसमें काफी मात्रा में शुद्ध जल उपलब्ध है।