आईटीएम यूनिवर्सिटी ग्वालियर के छात्रों ने किया ‘आरवीएसकेवीवी के कृषि विज्ञान केंद्र‘ का शैक्षणिक भ्रमण किया


- ऐसे शैक्षिक भ्रमण छात्र-छात्राओं को कक्षा में प्राप्त सैद्धांतिक ज्ञान को व्यावहारिक अनुभव में जोड़ने का अवसर प्रदान करते हैंः डीन डाॅ. मनीष शर्मा

- छात्र-छात्राओं ने करीब से जानी जैविक कृषि, खाद्य सुरक्षा, पर्यावरण, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और सतत कृषि पद्धतियां

- कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने छात्र-छात्राओं से किया संवाद

ग्वालियर ।  आईटीएम यूनिवर्सिटी ग्वालियर के स्कूल आफ साइंसेज के जैव प्रौद्योगिकी एंड फूड टेक्नोलाॅजी विभाग के अंतर्गत अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के लिए शैक्षणिक भ्रमण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। डीन स्टूडेंट वेलफेयर तृप्ति पाठक के समन्वयन में और जैव प्रौद्योगिकी एवं फूड टेक्नोलाॅजी विभाग की डाॅ. रीता शर्मा, सृष्टि मोदी के र्मादर्शन और सुखवीर सिंह व सुरेन्द्र राजधर तकनीकी सहयोग से  छात्र-छात्राओं ने राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय (आरवीएसकेवीवी) ग्वालियर स्थित कृषि विज्ञान केंद्र शैक्षिक भ्रमण किया। जहां कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डाॅ. एससी श्रीवास्तव एवं वैज्ञानिक डाॅ. अमिता द्वारा जैविक उत्पादन प्रणालियों के प्रति जागरूक किया। 
छात्र-छात्राओं ने करीब से जानी जैविक कृषि, खाद्य सुरक्षा, पर्यावरण, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और सतत कृषि पद्धतियां
आईटीएम यूनिवर्सिटी ग्वालियर के स्कूल आॅफ साइंसेज के जैव प्रौद्योगिकी एंड फूड टेक्नोलाॅजी विभाग के अंतर्गत अध्ययनरत जैव प्रौद्योगिकी एवं फूड टेक्नोलाॅजी के छात्र-छात्राओं ने आरवीएसकेवीवी स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में भ्रमण के दौरान जैविक खेती की उन्नत तकनीकों, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन, वर्मी कम्पोस्ट, नाडेप कम्पोस्ट, जैविक खाद निर्माण, जैव उर्वरकों  के उपयोग और कृषि उपशिष्ट के वैज्ञानिक प्रबंधन के बारे में नजदीक से समझा। खासकर जैविक कम्पोस्ट तैयार करने की वैज्ञानिक प्रक्रिया के बारे में विशेष रूप से जानने का मौका मिला। साथ ही जैविक कृषि, खाद्य सुरक्षा, पर्यावरण, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और सतत कृषि पद्धतियों के महत्व को भी समझने का मौका मिला।
कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने छात्र-छात्राओं से किया संवाद
इस अवसर पर आरवीएसकेवीवी स्थित कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डाॅ. एससी श्रीवास्तव एवं वैज्ञानिक डाॅ. अमिता ने छात्र-छात्राओं के साथ संवाद स्थापित किया। उन्होंने कृषि क्षे़त्र में उपब्ध कॅरियर संभावनाओं, आधुनिक तकनीकों के महत्व और स्किल डेवलपमेंट की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। छात्र-छात्राओं ने सक्रिय सहभागिता दिखाते हुए अपने प्रश्नों के माध्यम से कृषि तकनीकों से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी प्राप्त की।
ऐसे शैक्षिक भ्रमण छात्र-छात्राओं को कक्षा में प्राप्त सैद्धांतिक ज्ञान को व्यावहारिक अनुभव में जोड़ने का अवसर प्रदान करते हैंः डाॅ. मनीष शर्मा वहीं स्कूल आॅफ साइंसेज की डीन डाॅ. मनीष शर्मा कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप छात्र-छात्राओं को अनुभवात्मक एवं कौशल-आधारित शिक्षा प्रदान करना आईटीएम यूनिवर्सिटी ग्वालियर की प्राथमिकता है। ऐसे शैक्षणिक भ्रमण छात्र-छात्राओं को कक्षा में प्राप्त सैद्धांतिक ज्ञान को वास्तविक परिस्थितियों से जोड़ने का अवसर प्रदान करते हैं। कृषि विज्ञान केंद्र जैसे संस्थानों के भ्रमण से छात्र-छात्राओं को जैविक खेती, सतत कृषि, खाद्य सुरक्षा, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा आधुनिक कृषि जैव-प्रौद्योगिकी की व्यवहारिक समझ विकसित होती है। यह अनुभव उनके शोध, नवाचार, उद्यमिता एवं भविष्य के व्यावसायिक जीवन के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा।
 

posted by Admin
8

Advertisement

sandhyadesh
sandhyadesh
sandhyadesh
sandhyadesh
Get In Touch

Padav, Dafrin Sarai, Gwalior (M.P.)

98930-23728

sandhyadesh@gmail.com

Follow Us

© Sandhyadesh. All Rights Reserved. Developed by Anuj Mathur

<1-------Google-aNALY-------->