पोषण वाटिका से पाएं पोषण सुरक्षा
ग्वालियर। पोषण वाटिका का खाद्य एवं पोषण सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान है। इसी विषय पर राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विष्वविद्यालय- कृषि विज्ञान केन्द्र, ग्वालियर दो दिवसीय अन्तःसेवाकालीन प्रषिक्षण का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम केन्द्र की वरिष्ठ वैज्ञानिक डा. रीता मिश्रा द्वारा आयोजित किया गया। इस प्रषिक्षण में जिले की आंगनवाड़ी कार्यकत्ताओं की सक्रिय भागीदारी रही।
प्रषिक्षण कार्यक्रम में डाॅ. मिश्रा द्वारा ग्रामीण स्तर पर कुपोषण को कम करने तथा पोषक तत्वों की पूर्ति करने के लिए पोषण वाटिका के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाष डाला। एक परिवार की फल एवं सब्जियों की आवश्यकता को पूरा करने के लिये परिवार के सदस्यों के अनुसार, 100 से 250 वर्गमीटर के क्षेत्र में पोषण वाटिका स्थापित करने की आवश्यकता होती है। इसका मुख्य उददेष्य घर के पास खाली पड़ी जगह पर ताजी एवं पौष्टिक सब्जियां उगाना है। एक योजनाबद्ध तरीकों से बनायी गई पोषण वाटिका से एक परिवार वर्ष भर सब्जियां प्राप्त कर सकता है। पोषण वाटिका से उत्पादित फलों एवं सब्जियों के सेवन से आहार में विविधता के कारण शरीर में सूक्ष्म पोषक तत्वों की पूर्ति होती है। कार्यक्रम में आंगनवाड़ी कार्यकत्ताओं को केन्द्र की प्रसंस्करण इकाई में पोषण वाटिका के विभिन्न उत्पादों के प्रसंस्करण द्वारा पौष्टिक खाद्य पदार्थों के निर्माण का प्रायोेगात्मक प्रषिक्षण भी प्रदान किया गया। प्रषिक्षण पष्चात सभी प्रषिक्षणार्थियों ने तैयार उत्पादों का संवेदी मूल्यांकन भी किया गया। प्रषिक्षणार्थियों को केन्द्र के वैज्ञानिकों डाॅ. एस.एस. कुश्वाह, डाॅ. एस.पी.एस. तोमरए डाॅ. एस.पी.एस. तोमर, डा. रष्मि बाजपेयी, डाॅ. जितेन्द्र राजपूत, डाॅ. अमिता शर्मा, डाॅ. राजीव चैहान तथा डाॅ. एस.सी. श्रीवास्तव के व्याख्यानों द्वारा पोषण वाटिका से पोषण सुरक्षा विषय पर जानकारी भी प्रदान की गई।