आध्यात्मिक कौशल आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता: बीके प्रहलाद भाई
ग्वालियर। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के यूथ विंग द्वारा पुराना हाईकोर्ट लाईन स्थित संगम भवन केंद्र पर विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर आज विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया।कार्यक्रम में मुख्य रूप से बीके डॉ गुरचरण सिंह, बीके प्रहलाद भाई, बीके जीतू भाई उपस्थित थे।
कार्यक्रम के शुभारंभ में बीके डॉ गुरचरण सिंह नें कहा कि 15 जुलाई को विश्व युवा कौशल दिवस पूरे विश्व में मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र द्वारा इस दिवस को मनाने का उद्देश्य युवाओं को रोजगार, उद्यमिता, नवाचार और सामाजिक विकास के लिए आवश्यक कौशलों से सशक्त बनाना है। इस वर्ष की वैश्विक थीम “स्किल्स फॉर ए शेयर्ड फ्यूचर (Skills for a Shared Future) युवाओं को केवल तकनीकी कौशल ही नहीं, बल्कि सहयोग, नवाचार, अनुकूलन क्षमता, नेतृत्व और मानवीय मूल्यों के साथ भविष्य के निर्माण के लिए प्रेरित करती है। आज हमारे युवा कौशल विकास, उद्यमिता, स्टार्टअप, पर्यटन, डिजिटल शिक्षा और औद्योगिक विकास जैसे अन्य क्षेत्रों में निरंतर प्रगति कर रहे है। शैक्षणिक और सामाजिक गतिविधियाँ के साथ आध्यात्मिकता, भी युवाओं के सर्वांगीण विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। आज आवश्यकता केवल रोजगार प्राप्त करने की नहीं, बल्कि ऐसे युवाओं के निर्माण की है जो कौशल के साथ-साथ मजबूत चरित्र, सकारात्मक सोच और सामाजिक उत्तरदायित्व भी रखते हों।
बीके प्रहलाद भाई ने कहा कि आध्यात्मिक कौशल आज के युवाओं की सबसे बड़ी आवश्यकता है। आज के प्रतिस्पर्धात्मक और तेज़ी से बदलते युग में केवल तकनीकि कौशल ही पर्याप्त नहीं हैं। मानसिक तनाव, सोशल मीडिया का बढ़ता प्रभाव, करियर की अनिश्चितता और बदलती जीवनशैली के बीच युवाओं को भावनात्मक बुद्धिमत्ता, आत्म जागरूकता, नैतिक मूल्य, दया एवं आंतरिक शांति जैसे आध्यात्मिक कौशल विकसित करने की आवश्यकता है। आंतरिक शक्ति सफलता का सबसे बड़ा कौशल है। उन्होंने आगे कहा कि ब्रह्माकुमारीज़ तथा राजयोग एजुकेशन एंड रिसर्च फाउंडेशन की यूथ विंग वर्षों से राजयोग मेडिटेशन, मूल्यनिष्ठ शिक्षा, व्यक्तित्व विकास और जीवन कौशल आधारित कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं में आत्मविश्वास, मानसिक संतुलन, नेतृत्व क्षमता और आध्यात्मिक जागरूकता विकसित करने का कार्य कर रही है। आज ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर युवाओं को सकारात्मक जीवन-दृष्टि और आत्मिक सशक्तिकरण की प्रेरणा प्रदान कर रहा हैं।
इस अवसर पर बीके जीतू भाई ने कहा कि हम सभी को अपने अंदर में आत्म-प्रबंधन, तनाव प्रबंधन, भावनात्मक संतुलन, नेतृत्व क्षमता, निर्णय लेने की शक्ति, संवाद कौशल, टीमवर्क और सहयोग को भी विकसित करना होगा। तभी हम अपने जीवन में आने वाले अवसरों को सदुपयोग कर सकेंगे। कार्यक्रम में बीके पवन, बीके सुरभि, बीके रोशनी, आरती आयलानी, छाया रूपेश सोनवर, कार्तिक, अखिलेश, अभिमन्यु, राजीव, हर्ष, वैष्णवी, शारांस, हंसिका, रिया खुशी, गौरी, मनीष, शशांक, शिवा सहित अनेकानेक युवा उपस्थित थे।