सनातन संस्कृति और गीता का विश्व में सर्वश्रेष्ठ स्थान, गिरिराज गुरुजी, ब्रह्म दत्त जन्म भूमि रक्षक से सम्मान वृंदावन में सम्मानित
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ग्वालियर 19 जून।
पर्याप्त वर्षा एवं आर्थिक उन्नति, सभी को सुख समृद्धि शांति एवं उत्तम स्वास्थ्य की कामना को लेकर सकल ब्राह्मण महासमिति द्वारा मथुरा वृन्दावन की दो दिवसीय धार्मिक यात्रा में रघुनाथ आश्रम वृंदावन में सनातन संस्कृति एवं गीता महत्व पर व्याख्यान में मुख्य वक्ता पंडित गिरिराज गुरुजी, ब्रह्म दत्त पाण्डेय शास्त्री जी ने कहा कि विश्व में सर्वश्रेष्ठ मान्यता श्रीमद्भागवत गीता के साथ सनातन संस्कृति का है। जनेऊ संस्कार, पाणिग्रहण संस्कार, श्री गणेश वंदना, से सौलह संस्कारों का सर्वाधिक महत्त्व है। अब यूएस एवं यूके में भी गीता सार पर प्रवचन होना सिद्ध करता हैं कि विश्व में सर्वाधिक महत्त्व है। प्राचीन पंचांग गणना आज तक सर्व मान्य है।
इस अवसर पर महिला अध्यक्ष बीना भारद्वाज ने कहा कि भडयैया नवमी 23 जुलाई को जनेऊं संस्कार सकल ब्राह्मण महासमिति द्वारा कराया जाएगा। निधिवन में भगवान श्री विष्णु सहस्रनाम पाठ किया।
मथुरा श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्त हो को लेकर न्यायालय में याचिका दायर करने वाले श्री अनिल त्रिपाठी जी के मुख्य आतिथ्य में रघुनाथ आश्रम, वृंदावन में
ग्वालियर के पंडित गिरिराज गुरुजी, एवं ब्रह्म दत्त पाण्डेय शास्त्री जी को जन्म भूमि रक्षक सम्मान से शाल, श्रीफल, स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया । संचालन संस्थापक डॉ जयवीर भारद्वाज ने किया।
इस अवसर पर बीना भारद्वाज, संगीता शर्मा, रेनू शर्मा, अनिता योगेंद्र दीक्षित, शशि गोस्वामी,स्वाति शर्मा, शशि शर्मा, माया भारद्वाज, अल्का मिश्रा, संध्या तिवारी, रेखा शर्मा,उमा शर्मा, तरूण लता, डॉ मुन्नालाल शर्मा, शैलेंद्र तिवारी, योगेश मिश्रा, गेंदालाल पाठक, राजेश तिवारी,अंशु शर्मा, आदि उपस्थित थे।
आभार शैलेंद्र तिवारी ने माना।