व्हाईट की असली ताकत अरविंद जी, लेकिन आजकल कुछ खफा-खफा
ग्वालियर। मप्र चेंबर आफ कामर्स एंड इण्डस्ट्रीज के चुनावों में पावरफुल रहने वाले व्हाईट हाउस की असली ताकत आजकल पूर्व अध्यक्ष अरविंद अग्रवाल हैं। उनके साथ पूर्व अध्यक्ष वीरेन्द्र अग्रवाल, जीएल भोजवानी जैसे दिग्गजों का साथ व आर्शीवाद हैं, लेकिन आजकल वह डा. प्रवीण अग्रवाल के बागी हो जाने के बाद कुछ खफा-खफा से हैं। गत दिवस उन्होंने व्हाईट हाउस की कोर कमेटी में नाराजगी भी जगजाहिर कर दी, जब उन्होंने कहा कि अन्य हाउस या कहीं स्वतंत्र उम्मीदवार के यहां जाने वाले अपनी निष्ठा जाहिर करें।
उनकी यह टिप्पणी उस मामले में मानी जा रही है जब व्हाईट के काफी सदस्य व एक प्रत्याशी व्हाईट हाउस के बागी स्वतंत्र उम्मीदवार डा. प्रवीण अग्रवाल को मिलने पहुंचे। बताया जाता है कि यह खबर छुप नहीं सकी और अरविंद अग्रवाल तक पहुंच भी गई। इसके बाद अरविंद अग्रवाल का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया। वैसे यहां बता दें कि व्हाईट हाउस के कोर प्रमुख अरविंद अग्रवाल प्रसिद्ध व्यवसायी है और अपने सौम्य व शिष्ट व्यवहार के लिये जाने जाते हैं। पहली बार उनके तेवर देखकर व्हाईट हाउस के लोग भी अचंभित थे। वैसे उनका कहना भी सही था कि यदि आप हाउस के प्रत्याशी हैं तो हाउस की सीमा में रहे। किसी से व्यक्तिगत संबंध हैं तो घर पर मिले। कुछ व्हाईट हाउस से जुड़े लोगों का यह भी कहना था कि बोस की तबियत खराब है और उनकी शुगर भी बढ़ी हुई हैं।