3 एमपी नेवल यूनिट एनसीसीए ग्वालियर द्वारा वार्षिक प्रशिक्षण शिविर जारी



       एनसीसी ग्रुप मुख्यालय ग्वालियर के समादेशक ब्रिगेडियर अनिल जैथलिया के कुशल मार्गदर्शन में तथा कैम्प कमांडेन्ट कमांडर-एट-आर्म्स दीपक सिंह भदौरिया के निर्देशन में 3 एमपी नेवल यूनिट एनसीसी, ग्वालियर के सीनियर वर्ग का वार्षिक प्रशिक्षण शिविर का आयोजन विद्या भवन पब्लिक स्कूल ग्वालियर पर किया जा रहा है। कल उक्त शिविर का सप्तम दिवस था। 

शिविर के सप्तम दिवस पर दैनिक गतिविधियों के अंतरगर्त सुबह समस्त कैडिटों के द्वारा शारीरिक तथा मानसिक प्रशिक्षण के तौर पर जुम्बा का अभ्यास बाबूलाल पी.ओ. एवं मिस अर्चना के मार्गदर्शन में किया गया, जुम्बा एक फिटनेस एक्सरसाइज है जिसमें अलग-अलग स्टेप्स करके शरीर की कसरत की जाती है, जिस कारण पूरे शरीर की एक्सरसाइज हो जाती है तथा यह मानसिक तनाव को कम करने मेें मदद मिलती है। 

     इसके साथ ही नेवी के प्रशिक्षित इंस्ट्रक्टर की देखरेख में 80 एनसीसी कैडिटों को सिमुलेटर फायरिंग कराई गई जो एक आधुनिक प्रशिक्षण प्रणाली है जिसमें वास्तविक गोला बारूद का उपयोग किए बिना कंप्यूटर आधारित उपकरणों की सहायता से निशानेबाजी का अभ्यास कराया जाता है। इसका उद्वेश्य कैडेट््््््स को सुरक्षित वातावरण में हथियार चलाना और सही फायरिंग तकनीक सिखाना है। जिसके पश्चात प्रशिक्षित इंस्ट्रक्टर की देखरेख में समस्त 80 कैडिटों को राइफल फायरिंग एस.ए.एफ. कम्पू, ग्वालियर के ग्राउण्ड पर कराई गई। एनसीसी में फायरिंग प्रशिक्षण का महत कैडेट््स को अनुशासन, हथियारों की मूल जानकारी, एकाग्रता, आत्मविश्वास तथा सुरक्षा नियमों को सिखाने के लिए होता है।

ले. एन. के. झा के द्वारा एनसीसी कैडिटों को सम्मान पर व्याख्यान दिया जिसमें उन्होने बताया कि सम्मान एक शब्द नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति के चरित्र, अनुशासन, नैतिक मूल्यों और कर्तव्यनिष्ठा का प्रतिबिंब होता है। एक एनसीसी कैडेट के जीवन में सम्मान का विशेष महत्व है क्योंकि यही उसे एक जिम्मेदार नागरिक और भविष्य का अच्छा नेता बनाता है। सम्मान का अर्थ है स्वयं का सम्मान करना, दूसरों का आदर करना तथा अपने कर्तव्यों और मूल्यों के प्रति ईमानदार रहना। अंत में उन्होने बताया कि सम्मान किसी पद, वर्दी या अधिकार से नही मिलता, बल्कि हमारे व्यवहार, चरित्र और कर्मो से प्राप्त होता है। एनसीसी कैडेट के रूप में आपका प्रत्येक कार्य आपके परिवार, संस्था, यूनिट और राष्ट्र का प्रतिनिधित्व करता है।
इसी क्रम में फायर स्टेशन महाराजपुरा,ग्वालियर पदस्थ फायरमेन राजनारायन शर्मा के द्वारा कैडिटों को फायर सेफ्टी के बारे में विस्तार से बताया कि अग्निशमन का अर्थ है आग को नियंत्रित करना। एक एनसीसी कैडेट के रूप में आपदा की स्थिति में सही जानकारी, अनुशासन और त्वरित कार्यवाही अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उन्होने बताया कि घबराएॅ नही, अलार्म दें, बिजली/गैस तुरंत बंद करे, लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुचाएॅ एवं अग्निशामक का उपयोग करें और जरूरत पड़ने पर तुरंत फायर स्टेशन को सूचित करे।

शिविर के आठवें दिन शिविर में शामिल सभी कैडिट, जिनको तीन स्कवाडन किलर, डिस्टोयर एवं फ्रिगेट में विभाजित किया गया है, के मध्य विभिन्न कम्पटीशनों को कराया जाएगा जैसे कि ड्रिल, स्विमिंग, सांस्कृतिक कार्यक्रम, विभिन्न खेल प्रतियोगिताए जैसे खो-खो, बॉलीवाल। ये सभी कम्पटीशन का अभ्यास कैडिटों के अंदर खेल भावना एवं टीमवर्क की भावना को प्रेरित करने के लिए महत्वपूर्ण कदम साबित होगे।

शाम को समस्त कैडिटों ने इंटर स्कवाड्रन स्तर से बहुआयामी प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। एवं कैम्प फायरिंग के दिन मिलने वाले पुरूस्कार हेतु अपना स्थान सुनिश्चित करने हेतु अभ्यास किया।

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