एनएच-27 पर हरियाली घोटाला: 8.5 करोड़ का भुगतान, 95% काम कागजों में पूरा, गडकरी के सपनों का कत्ल कर रहा प्रबंधक धाकड़
*दीक्षित प्रधानमंत्री कार्यालय भी भेजेंगे मामले की जमीनी रिपोर्ट, केंद्रीय जांच ब्यूरो से जांच की मांग*
*विशेष संवाददाता*
शिवपुरी। , राष्ट्रीय राजमार्ग-27 बारां-शिवपुरी-झांसी खंड* पर *"हरित राजमार्ग" के नाम पर 8.5 करोड़ का घोटाला* सामने आया है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के दस्तावेज में *31 मार्च 2026 तक 94% से 96% वृक्षारोपण पूरा* दिखाकर भुगतान कर दिया गया। लेकिन जमीनी तस्वीरें बता रही हैं कि *राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ग्वालियर परियोजना कार्यान्वयन इकाई में पिछले 3 वर्षों से तैनात प्रबंधक तकनीकी केपी धाकड़* की देखरेख में *केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के सपनों का कत्ल* कर दिया गया।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण का दस्तावेजी दावा - 95% काम पूरा*
*आरटीआई* से मिले *"त्रैमासिक बागवानी कार्यों की प्रगति"* दस्तावेज के अनुसार किलोमीटर 1184.332 से 1254.00 तक 7 एजेंसियों का काम 94-96% पूरा दिखाया गया है। *कुल निविदा लागत 7.77 करोड़* और *अनुमानित लागत 10.32 करोड़* थी। दस्तावेज पर *अभियंता-प्रभारी सुशील निम्बार्क, भोपाल* के हस्ताक्षर हैं।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण का दावा: एनएच-27 पर 31 मार्च 2026 तक 95% वृक्षारोपण पूरा। 7 एजेंसियों को 8.5 करोड़ से ज्यादा का भुगतान।*
जमीन की हकीकत - 8.5 करोड़ के ‘पौधे’*
मौके की तस्वीर में राजमार्ग किनारे *बांस की खपच्चियों से घिरे आक और धतूरे के पौधे* दिख रहे हैं। ये पौधे प्राकृतिक रूप से उगते हैं। इन्हीं को *‘95% वृक्षारोपण पूर्ण’* दिखाकर करोड़ों डकार लिए गए। दूर-दूर तक जमीन सूखी पड़ी है। सैकड़ों मीटर तक खाली गड्ढे और उखड़ी बांस की खपच्चियां बता रही हैं कि पौधे लगाए ही नहीं गए।
एनएच-27 बारां-शिवपुरी खंड की हकीकत: 8.5 करोड़ के वृक्षारोपण के नाम पर बांस की खपच्चियों के सहारे आक-धतूरे। 3 साल के रखरखाव का बिल पास, जमीन सूखी।*
*जिम्मेदार अधिकारी: 3 साल से ग्वालियर परियोजना इकाई में तैनात प्रबंधक धाकड़*
*आरटीआई* फाउंडेशन के अध्यक्ष संजय दीक्षित का आरोप है: "कागजों में 95% काम पूरा दिखाकर 8.5 करोड़ निकाल लिए गए। *इस पूरे घोटाले के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ग्वालियर परियोजना कार्यान्वयन इकाई में पिछले 3 वर्षों से तैनात प्रभारी प्रबंधक तकनीकी केपी धाकड़ सीधे जिम्मेदार हैं*। इनकी निगरानी में श्री सुशील निम्बार्क ने बिना जमीनी सत्यापन बिल पास किए। *प्रबंधक धाकड़ गडकरी के सपनों का कत्ल कर रहे हैं*। सड़क पर सूखे पौधे पड़े हैं और कागजों में वृक्षारोपण लगभग पूरा है।"
### *प्रधानमंत्री कार्यालय जाएगा जमीनी रिपोर्ट, केंद्रीय जांच ब्यूरो से जांच की मांग*
संजय दीक्षित ने बताया: *"इस मामले की पूरी जमीनी रिपोर्ट चित्र-सबूतों के साथ प्रधानमंत्री कार्यालय, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय और राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण में भेजी जाएगी।* *3 साल से ग्वालियर परियोजना इकाई में तैनात प्रबंधक तकनीकी केपी धाकड़* को तत्काल निलंबित कर केंद्रीय जांच ब्यूरो से जांच हो। 7 एजेंसियों को काली सूची में डाला जाए। 8.53 करोड़ की वसूली 18% ब्याज के साथ हो। ये *राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण में करोड़ों का खेल* है।"
*"गडकरी जी हरित राजमार्ग की बात करते हैं, और उनके अधिकारी कागजों पर जंगल उगा रहे हैं," - संजय दीक्षित, अध्यक्ष, आरटीआई फाउंडेशन*